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लंदन. भारत की अंकिता रैना और अमेरिका की उनकी जोड़ीदार लॉरेन डेविस विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला युगल के पहले दौर में आसिया मोहम्मद और जेसिका पेगुला की अमेरिकी जोड़ी से सीधे सेटों में हार गई. अमेरिका की 14वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने अंकिता और डेविस को 70 मिनट तक चले मैच में 6-3, 6-2 से हराया. अंकिता ने मिश्रित युगल में हमवतन रामकुमार रामनाथन के साथ जोड़ी बनाई है, जहां उनका मुकाबला सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना की हमवतन जोड़ी से होगा.

वहीं, सानिया और अमेरिका की उनकी जोड़ीदार बेथानी माटेक सैंड्स महिला युगल के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं, लेकिन बोपन्ना और दिविज शरण पुरुष युगल के पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे. रोहन बोपन्ना और दिविज शरण पुरुष युगल वर्ग के पहले ही दौर में एडुआर्ड रोजर वेसलीन और हेनरी कोटिनेन से 6 . 7, 4 . 6 से हारकर बाहर हो गए. दोनों ने टोक्यो ओलंपिक के लिए जोड़ी बनाई थी, लेकिन क्वॉलिफाई नहीं कर सके.

सानिया और बेथानी ने धीमी शुरुआत के बाद लय हासिल कर ली और पहले दौर में मुकाबले में अमेरिका और चिली की जोड़ी को एक घंटा और 27 मिनट में 7-5 6-3 से हराया. सानिया और बेथानी पर मैच की शुरुआत में ही दबाव आ गया जब तीसरे गेम में बेथानी की सर्विस पर सात बार ड्यूस हुआ. अमेरिकी खिलाड़ी ने तीन डबल फॉल्ट किए लेकिन तीन ब्रेक प्वाइंट बचाने के बाद अपनी सर्विस भी बचा ली.

सानिया और बेथानी को भी विरोधी की सर्विस तोड़ने का मौका मिला जब अमेरिकी खिलाड़ी ने नेट पर वॉली पर अंक बनाने का मौका गंवा दिया. बाएं हाथ की खिलाड़ी डेसिरे ने इसके बाद शानदार सर्विस करते हुए अपनी सर्विस बचाई. एलेक्सा ने 12वें गेम में 15-30 पर सर्विस करते हुए फोरहैंड बाहर मारकर विरोधी जोड़ी को दो सेट प्वाइंट दिए और सानिया ने स्मैश के साथ पहला सेट जीत लिया. दूसरे सेट में सानिया और बेथानी ने एक बार फिर एलेक्सा की सर्विस तोड़कर 3-1 की बढ़त बनाई, जिसके बाद इस जोड़ी को सेट और मैच जीतने में कोई परेशानी नहीं हुई.

अंकिता लगातार तीसरे ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में खेल रही थीं. उन्होंने इसी साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन के साथ ग्रैंडस्लैम में पदार्पण किया था. सानिया 2005 से ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. इससे पहले भारतीय-अमेरिकी शिखा ओबेरॉय ने 2004 में अमेरिकी ओपन के महिला एकल के लिए क्वॉलिफाई किया था और जापान की साओरी ओबाता के खिलाफ पहले दौर का मुकाबला जीता भी था, लेकिन इसके बाद वीनस विलियम्स से हार गई.

शिखा इसके बाद कभी ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में जगह नहीं बना सकी. निरूपमा वैद्यनाथन 1998 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन में जगह बनाने के बाद ग्रैंडस्लैम मुख्य ड्रॉ में खेलने वाली पहली महिला एकल खिलाड़ी बनी थी. निरूपमा मांकड़ 1971 में आनंद अमृतराज के साथ विंबलडन के मिश्रित युगल में खेली थी.

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