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25 दिसंबर से समाजवादी पार्टी गांव-गांव में घेरा बनाकर लगाएगी चौपाल (सांकेतिक फोटो)

25 दिसंबर से समाजवादी पार्टी गांव-गांव में घेरा बनाकर लगाएगी चौपाल (सांकेतिक फोटो)

किसान घेरा कार्यक्रम का आज लखनऊ में ऐलान करते हुए अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि विडम्बना है कि देश का अन्नदाता ठण्ड में ठिठुरते हुए अपनी बात कहना चाहता है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 20, 2020, 9:39 PM IST

लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के निर्देश पर आगामी 25 दिसंबर 2020 को ‘समाजवादी किसान घेरा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. गांव के स्तर पर किसानों के बीच पार्टी के नेता घेरा बनाकर चैपाल लगाएंगे. पार्टी के सांसद, विधायक तथा अन्य प्रमुख नेता स्वयं किसी गांव में जाकर किसान घेरा कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे. अब तक चल रही किसान यात्रा का रविवार को अंतिम दिन समापन हो गया है.

“समाजवादी किसान घेरा” कार्यक्रम में पार्टी नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएंगी. वे जहां किसानों से संवाद करेंगे. वहीं उन्हें समाजवादी नीतियों तथा समाजवादी सरकार की उपलब्धियों की भी जानकारी दी जाएगी. समाजवादी घेरा कार्यक्रम में पार्टी नेता गांवों में किसानों की चैपाल में फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) एवं तथाकथित कृषि सुधार अधिनियम की सच्चाई से भी अवगत करायेंगे.

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किसान घेरा कार्यक्रम का आज लखनऊ में ऐलान करते हुए अखिलेश यादव ने कहा है कि विडम्बना है कि देश का अन्नदाता ठण्ड में ठिठुरते हुए अपनी बात कहना चाहता है. परन्तु प्रधानमंत्री सिर्फ अपने मन की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा की हठधर्मी के चलते दर्जनों किसान अपनी जानें गवा बैठे हैं. अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को बदनाम कर रही है. किसानों तक यह बात पहुंचाने और सरकारी साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए गांव-गांव में समाजवादी नेता अलाव जलाकर घेरा में चैपाल करेंगे.इससे पहले पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार कोरोना वायरस का बहाना करके संसद का शीतकालीन सत्र टालकर किसानों और विपक्ष का सामना करने से बच रही है. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा का सत्र बुलाया जाना चाहिए, ताकि कृषि कानूनों, निजीकरण, बेरोज़गारी समेत अहम मुद्दों पर चर्चा हो सके.



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