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सुनील छेत्री की अगुवाई वाली भारतीय टीम इस ड्रॉ मुकाबले के बाद ग्रुप ई में तीसरे स्थान पर रही (@IndianFootball/Twitter)

सुनील छेत्री की अगुवाई वाली भारतीय टीम इस ड्रॉ मुकाबले के बाद ग्रुप ई में तीसरे स्थान पर रही (@IndianFootball/Twitter)

एएफसी एशियाई कप क्वॉलिफायर्स के तीसरे दौर में पहुंचने के लिए भारत को ड्रॉ जबकि अफगानिस्तान को जीत की जरूरत थी.

दोहा. अफगानिस्तान के गोलकीपर ओवेस अजीजी के आत्मघाती गोल से मिली बढ़त को भारतीय टीम यहां फीफा विश्व कप 2022 और एशियाई कप 2023 क्वॉलिफायर्स में मंगलवार को बरकरार रखने में विफल रही, लेकिन एक-एक के ड्रॉ नतीजे के साथ टीम एएफसी एशियाई कप क्वॉलिफायर्स के तीसरे दौर में पहुंचने में सफल रही. दोनों टीमें विश्व कप 2022 की दौड़ से पहले ही बाहर हो गई थी. एएफसी एशियाई कप क्वॉलिफायर्स के तीसरे दौर में पहुंचने के लिए भारत को ड्रॉ जबकि अफगानिस्तान को जीत की जरूरत थी. मैच के 75वें मिनट में भारतीय समर्थकों में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब गेंद अजीजी के हाथ से छटक कर उनके गोल में चली गई. भारतीय टीम हालांकि ये बढ़त ज्यादा समय तक कायम नहीं रही और अफगानिस्तान ने होसैन जमानी के गोल से 82वें मिनट में स्कोर 1-1 कर दिया.

दोनों टीमों के बीच 2019 में दुशांबे में खेला गया पहले चरण का मैच भी 1-1 से ड्रॉ रहा था. यह मुकाबला भी बराबरी का रहा जहां भारतीय टीम ने 10 बार गोल पोस्ट की ओर किक लगाई तो वहीं अफगानिस्तान की टीम सात बार ऐसा कर सकी. भारतीय टीम ने नौ बार फाउल किए जबकि अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने 16 बार फाउल किये और उनके तीन खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखाया गया.

अफगानिस्तान के खिलाड़ी कई बार भारतीय खिलाड़ियों से शारीरिक तौर पर भिड़े, लेकिन मैच रेफरी अली रीदा ने ज्यादातर बार इसे नजरअंदाज कर दिया. सुनील छेत्री की अगुवाई वाली भारतीय टीम इस ड्रॉ मुकाबले के बाद ग्रुप ई में तीसरे स्थान पर रही. भारत के नाम आठ मैचों में एक जीत, चार ड्रॉ और तीन हार से सात अंक रहे जबकि अफगानिस्तान इतने ही मैचों में छह अंक के साथ चौथे स्थान पर है.

भारतीय टीम पिछली बार ग्रुप में पांचवे स्थान पर रही थी, लेकिन इस बार अपने पूरे अभियान में टीम भले ही ज्यादा गोल करने में असफल रही लेकिन उसने अपने ग्रुप में कतर और ओमान जैसी मजबूत टीमों को भी कड़ी टक्कर दी. इस मैच में भारतीय टीम ने मैच के तीसरे मिनट में ही गोल का मौका बना लिया था लेकिन ब्रैंडन फर्नांडीस के बनाये मौके को मनवीर सिंह गोल में नहीं बदल सके. इसके तीन मिनट बाद अफगानिस्तान के कप्तान फरशाद नूर से भी मौका बनाया जिसे चिंगलेनसना सिंह ने रोक दिया.

सुनील छेत्री ने इसके बाद ग्लान मार्टिंस के पास पर भारत को बढ़त दिलाने की कोशिश की, लेकिन अफगानिस्तान के गोलकीपर ने अच्छा बचाव किया. पहला हाफ गोल रहित बराबरी पर छूटने के बाद अफगानिस्तान ने दूसरे हाफ में आक्रामक शुरूआती की. मैच के 57वें मिनट में गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने बच्छा बचाव कर अफगानिस्तान को बढ़त हासिल करने से रोक दिया.

बांग्लादेश के खिलाफ दो गोल करने वाले छेत्री इस मैच में करिश्माई खेल नहीं दिखा सके और उन्हें मैच के 69वें मिनट में बाहर बुला लिया गया. भारत को 75वें मिनट में उस समय सफलता मिली जब मनवीर के पास पर आशिक ने गोल पोस्ट की तरफ शॉट लगाया और अजीजी ने उसे रोकने के बाद आत्मघाती गोल कर दिया. अफगानिस्तान की टीम हालांकि 82वें मिनट में नुर हुसिन की मदद से भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत संधू को छकाने में सफल रही. बराबरी के बाद अफगानिस्तान ने आक्रमण और तेज किया लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें गोल करने में सफल नहीं होने दिया.







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