कोरोना से बचने के लिए दुनियाभर में वैक्‍सीन अभियान चलाया जा रहा है.

कोरोना से बचने के लिए दुनियाभर में वैक्‍सीन अभियान चलाया जा रहा है.

जॉन के शरीर में मौजूद एंटीबॉडी (Antibody) इतनी ताकतवर हैं कि अगर उसे 10 हजार गुना तक पतला किया जाए तो भी वे बीमारी को हरा सकती हैं. ये कोरोना (Corona) के नए स्‍ट्रेन को पूरी तरह से खत्‍म कर सकती हैं.

वॉशिंगटन. दुनियाभर के लोग जहां एंटीबॉडी (Antibody) के लिए कोरोना वैक्‍सीन (Corona vaccine) की तरफ नजर जमाए हुए हैं, वहीं अमेरिका (America) के वर्जीनिया (Virginia) में एक शख्‍स के पास पहले से ‘सुपर एंटीबॉडी’ हैं. जॉन हॉलिस नाम के इस शख्‍स के शरीर में मौजूद एंटीबॉडी कोरोना वायरस का खात्‍मा करने में पूरी तरह से कारगर हैं. कहा जा रहा है कि जॉन हॉलिस की एंटीबॉडी से ऐसी वैक्‍सीन तैयार की जा सकती हैं जो कोरोना के नए स्‍ट्रेन को पूरी तरह से खत्‍म कर सकती हैं. जॉन के शरीर में मौजूद एंटीबॉडी इतनी ताकतवर हैं कि अगर उसे 10 हजार गुना तक पतला किया जाए तो भी वे बीमारी को हरा सकती हैं.

जॉन ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले साल मार्च में अपने बेटे के साथ यूरोप के ट्रिप पर गए थे. तब उन्‍हें थोड़ी जकड़न महसूस हुई लेकिन ज्‍यादा दिक्‍कत नहीं थी. उन्‍हें तब लगा था कि ये मौसमी एलर्जी होगी. इसके कुछ हफ्ते बाद ही उनका रूममेट कोरोना पॉजिटिव हो गया और उसकी हालत खराब हो गई. इसके बाद वो बेचैन हो गए कि ये परेशानी उनके साथ भी हो सकती है.

जॉन ने बताया कि अपने दोस्‍त की बीमारी के बाद उन्‍होंने अपने बेटे के लिए आखिरी खत तक लिख लिया था लेकिन शुक्र है कि उसे कभी दिया नहीं. जॉन ने बताया कि काफी दिन बाद उनका दोस्‍त ठीक होकर आ गया लेकिन वह जरा भी बीमार नहीं पड़े. जॉन हॉलिस एक यूनिवर्सिटी में कम्युनिकेशन मैनेजर हैं. इसके बाद जब डॉक्‍टरों ने उनकी भी जांच की. डॉक्टर ने जॉन की लार और खून के नमूने लिए जिससे पता चला कि उन्हें कोरोना हुआ था लेकिन उनकी एंटीबॉडी ने उसे खत्म कर दिया.

इसे भी पढ़े :- Vaccine: कई देशों में रोक के बाद एस्ट्राजेनेका ने दी सफाई, कहा- नहीं मिले ब्लड क्लॉटिंग के कोई सबूतडॉक्टर लैंस ने बताया, ‘जॉन की एंटीबॉडी इतनी ताकतवर हैं कि अगर उसे 10 हजार गुना पतला भी किया जाए तो भी वे बीमारी को हरा सकती है.’ लैंस ने कहा कि इसे आसान भाषा में समझा जाए तो वायरस की सतह के चारों ओर कीलनुमा चीज होती है, जिसके सहारे वह कोशिका में हमला करती है. अगर किसी इंसान में एंटीबॉडी बेहतर होती है तो वायरस की कील पर चिपक जाती है, जिससे वायरस कोशिका पर हमला नहीं कर पाता है. डॉक्‍टर लैंस ने कहा कि जॉन की एंटीबॉडी कोरोना के नए स्‍ट्रेन को भी हरा सकती है.








Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here