अहमदाबादः कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की किल्लत से उत्तर गुजरात सहित पुरे राज्य में कई लोगों की सांसे थम गई हैं. इस बुरे वक्त में कोरोना के मरीजों की मदद करने के लिए अमेरिका में बसे पाटीदार संगठन आगे आया है. पांच गाम लेउवा पाटीदार संगठन द्वारा उत्तर गुजरात के पाटण तालुका के बालिसणा, संडेर, मणुंद के साथ में विसनगर तालुका के भान्डु और वालम गाम के लिए अमेरिका से 40 लाख रुपए की लागत से 110 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर मशीनें खरीदी गई हैं, जो शनिवार तक भारत पहुंचेंगी.

कोरोना मरीजों में खास कर ऑक्सीजन की कमी से काफी दिक्कत होती है और एक साथ पुरे देश में ऑक्सीजन की किल्लत से परिस्थिति भयंकर हो गई है. हॉस्पीटल में उचित मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही और कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोग मर रहे हैं. इस बुरे वक्त में सालों से अमेरिका में रह रहे पांच गाम लेउवा पाटीदार समाज के सेवाभावी लोग वतन का कर्ज चुकाने के लिए आगे आए हैं. उन्होंने अमेरिका में 110 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर मशीनें खरीदी हैं. एक मशीन की लागत 450 से 500 डॉलर है. ऐसी 110 मशीनें अमेरिका से कुछ दिनों में रवाना होंगे जो शनिवार तक भारत पहुंचेंगी. यहां पहुंचने के बाद उत्तर गुजरात के पाटण तालुका के बालिसणा गांव में 25, संडेर में 17, मणुंद में 17, विसनगर तालुका के भान्डु गाव में 17 और वालम गांव में 25 मशीनें दी जाएंगी, जबकि 9 मशीनें रिजर्व रखी जाएगी.

ऑक्सीजन बिना किसी का जीवन खत्म न हो ये प्राथमिकता

मणुंद गांव के अग्रणी दिक्षितभाई पटेल का कहना है कोरोना का मरीज ऑक्सीजन की कमी की वजह से अपना जीव न खोए, यही हमारी प्राथमिकता है. अमेरिका में बसे पाँच गाँवों के सेवाभावी लोगों ने मदद के लिए पूरी तत्परता दिखाई है. दवाइयों या ऑक्सीजन मशीनों के अलावा किसी और तरह की मदद करने के लिए भी वे तैयार हैं.

यह मशीन कुदरती हवा से शुद्ध ऑक्सीजन का उत्पादन करती है

ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर एक ऐसी मशीन है, जिसमें ऑक्सीजन भरने की जरूरत नहीं होती है, इसके बजाय मशीन खुद ऑक्सीजन का उत्पादन करती है, ताकि मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन मिल सके. इस मशीन से कोरोना के मरीज को लाभ होता है.

बालिसना और मनुंद में कोविड केंद्र बनेगे

पाटन जिला विकास अधिकारी डीके पारेखने कहा कि सोमवार को उन्होंने बालिसना और मनुंद गांवों का दौरा किया. वहां कोविड केयर सेंटर एक स्थानीय समिति द्वारा बनाया गया है. एमबीबीएस डॉक्टरों को भी उनकी मांग के अनुसार केंद्र में रखा गया है. समिति की योजना इन दोनों केंद्रों को आधुनिक बनाने की है. जिसमें मरीजों को दवा, डॉक्टर, ऑक्सीजन मशीन, जूस, संगीत, योग और अन्य सुविधाएं हैं. इस कोविड देखभाल केंद्र में अमेरिका से आने वाली ऑक्सीजन मशीन को रखने की भी योजना है.

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