फोटो सौ. (PTI)

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अमेरिका (America) के अलबामा में प्राइवेट स्कूलों में योग (Yoga) पर लगा दशकों पुराना प्रतिबंध अभी भी जारी रहेगा. दरअसल, बुधवार को इस प्रतिबंध को हटाने से जुड़े एक विधेयक को मंजूरी नहीं मिल पाई है.

मोंटगोमरी. अलबामा (Albama) में निजी स्कूलों में योग (Yoga) पर लगा दशकों पुराना प्रतिबंध अभी कुछ और समय तक बरकरार रह सकता है. ‘अलबामा सीनेट ज्यूडिशरी कमेटी’ में बुधवार को सार्वजनिक सुनवाई के बाद इस प्रतिबंध को हटाने से जुड़े एक विधेयक को मंजूरी नहीं मिल पाई. दो रूढ़िवादी समूहों ने इस पर आपत्ति जतायी. दरअसल, इन समूहों का कहना है कि उन्हें डर है कि इससे हिंदुत्व या ध्यान लगाने की पद्धतियों का प्रचार हो सकता है.

वहीं, विधेयक का समर्थन कर रहे अलबामा के एक सीनेट ने कहा कि विधेयक व्यायाम से जुड़ा है किसी धर्म से नहीं. ओपेलिका के डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि जेरेमी ग्रे ने कहा, ‘‘ यह धारणा की योग करने से आप हिंदू बन जाएंगे…. मैं पिछले 10 साल से योग कर रहा हूं और अब भी गिरजाघर जाता हूं… और ईसाई हूं.’’ विधेयक को पर्याप्त मत नहीं मिल पाए लेकिन समिति के अध्यक्ष ने कहा कि वह एक बार फिर विधेयक पेश करेंगे, जब अधिक सदस्य मौजूद होंगे.

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कब लगा था प्रतिबंधबता दें, अलबामा बोर्ड ऑफ एजुकेशन ने 1993 में प्राइवेट स्कूलों में योग, सम्मोहन करने और ध्यान लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. बहरहाल, पिछले साल मार्च में डेमोक्रेटिक पार्टी के जेरेमी ग्रे योग बिल को लेकर आए थे. उस दौरान अलबामा के प्रतिनिधि सभा ने “योग बिल” पारित करने के समर्थन में 84 और विरोध में 17 वोट पड़े थे. लेकिन बिल को मंजूरी देने के लिए प्रतिनिधि सभा के सामने भेज दिया गया जहां से इसे मंजूरी नहीं मिल पाई.









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