प्रयागराज. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj) जनपद के धूमनगंज थाना क्षेत्र में टीपी नगर एसटीपी के पास सेना के हवलदार की ईंट पत्थरों से कुचलकर की गई निर्मम हत्या का पुलिस (Police) ने चार दिन बाद खुलासा कर दिया है. इसी के साथ पुलिस ने चार दिन बाद यह भी स्वीकार किया है कि सेना के हवलदार आशुतोष सिंह के साथ मौजूद लड़की के साथ आरोपियों ने गैंगरेप की वारदात को भी अंजाम दिया था. पुलिस के मुताबिक पकड़े गए सात आरोपियों में से पांच लोगों ने लड़की के साथ जोर जबरदस्ती और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था. हांलाकि पुलिस के इस खुलासे में कई तरह के झोल भी नजर आ रहा है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से क्राइम कंट्रोल में फेल हो रही प्रयागराज पुलिस इस खुलासे पर खुद ही अपनी पीठ थपथपाती नजर आ रही है.

पुलिस की थ्योरी में यह बात कही जा रही है कि मृतक सेना में जम्मू के उधमपुर जिले में तैनात हवलदार आशुतोष सिंह 12फरवरी की रात नौ बजे अपनी परिचित कन्हईपुर की एक 20 वर्षीय लड़की को लेकर एसटीपी के पास सुनसान इलाके में गये थे. जहां पर पहले से दो युवक छोटू उर्फ आकाश भारतीया और कुलदीप भारतीया मौजूद थे. गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे सेना के हवलदार और लड़की को देख कर दोनों युवक गाड़ी के पास गए और उनकी आशुतोष सिंह से बहस हो गई. इसके बाद दोनों ने करीब एक घंटे बाद अपने पांच अन्य दोस्तों को भी मौके पर बुला लिया. मौके पर पहुंचे बबलू भारतीया, गुड्डू भारतीया, विकास भारतीया, सुत्तन उर्फ सूरज भारतीया और अजय भारतीया मौके पर पहुंचे. जिसके बाद एक बार फिर से सेना के हवलदार आशुतोष सिंह से इन युवकों की झड़प हुई और उन्होंने मौके पर पड़े ईंट पत्थरों से उसके सिर पर प्रहार कर दिया.

पांच आरोपियों ने लड़की के साथ किया गैंगरेप 

सेना के हवलदार के अचेत होने पर कार की पिछली सीट पर हत्या आरोपियों ने उसे लिटा दिया और लड़की को बाहर निकाल कर उसके साथ पांच आरोपियों ने बारी-बारी से दुराचार किया. पुलिस गैंगरेप की बात सामने आने पर धारा 376 डी और बढ़ा दी है. मामले में पहले मृतक सेना के हवलदार के पिता अशोक कुमार सिंह की ओर से 13 फरवरी की सुबह पीड़ित लड़की के खिलाफ हत्या और हत्या के षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कराया गया था. वहीं गैंगरेप की बात सामने आने के बाद पुलिस ने लड़की के कपड़े सुरक्षित करा लिए थे और उसे मेडिकल के लिए भेजा था. लेकिन इस बीच लड़की का कोविड टेस्ट भी कराया गया जिसमें वह कोरोना पाज़िटिव निकली.‌ जिसके बाद उसे एसआरएन अस्पताल में क्वारेंटाइन कर दिया गया है.

सभी आरोपी की उम्र 19-21 वर्ष 
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह के मुताबिक जल्द लड़की का मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा। इसके साथ ही साथ पीड़ित लड़की की जांच रिपोर्ट कोविड निगेटिव आने पर पुलिस कोर्ट में 164 के बयान भी दर्ज करायेगी। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए सभी सातों आरोपियों का फिलहाल कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं है. पकड़े गए सभी आरोपियों की उम्र 19 वर्ष से लेकर 21 वर्ष के बीच है. जिनमें से पांच आरोपियों की उम्र 19 वर्ष, एक आरोपी 20 वर्ष का और एक 21 वर्ष का है. इनमें एक कुरियर कंपनी में डिलीवरी का काम करता है, जबकि अन्य आरोपियों में एक 11वीं का छात्र है. जबकि अन्य हत्यारोपी भी छोटा मोटा काम करते हैं. पुलिस के इस खुलासे को लेकर कहानी में भले ही कई झोल नजर आ रहे हों, लेकिन एसपी सिटी के मुताबिक पूरी तहकीकात के बाद ही आरोपियों को पकड़ा गया है और मौके पर मिली लोकेशन के साथ ही एसटीपी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी इन आरोपियों के वारदात में शामिल होने के पुख्ता सबूत मिल रहे हैं. एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने फिलहाल इन हत्यारोपियों का नार्को टेस्ट कराने से इंकार किया है. उन्होंने कहा है कि आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है ऐसे में नार्को टेस्ट कराने की कोई जरूरत नहीं है. पुलिस पकड़े गए हत्या आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है.





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