वर्तिका सिंह नें चार्जशीट पर हुए संज्ञान आदेश को दूसरी बार हाईकोर्ट में दी है चुनौती,नौ को है याचिका पर सुनवाई,इसी को आधार बनाकर सीजेएम कोर्ट में कार्यवाही स्थगित करने के लिए की थी मांग

सीजेएम किरन गोंड ने हाईकोर्ट से कार्यवाही स्थगित करने सम्बन्धी कोई आदेश न होने की वजह से अर्जी की खारिज,अर्जी देने के पीछे माना महज केस विलम्बित करने का मकसद

बीते चार मार्च को सेशन कोर्ट ने वर्तिका की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दिया था पहला झटका

पीएम एवं आयुष मंत्रालय को संदर्भित फर्जी लेटर वायरल करने के आरोप में स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता ने दर्ज कराया था मुकदमा

रिपोर्ट-अंकुश यादव

सुलतानपुर। प्रधानमंत्री एवं आयुष मंत्रालय से सम्बंधित फर्जी लेटर वायरल करने के आरोप से जुड़े मामले में इंटरनेशनल शूटर वर्तिका सिंह की तरफ से चार्जशीट पर संज्ञान आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को आधार बनाकर कार्यवाही स्थगित करने सम्बन्धी अर्जी को सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया है और उन्हें जरिये सम्मन तलब किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किरन गोंड के इस आदेश से वर्तिका सिंह को दूसरा झटका लगा है।
मामला मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जहां पर 23 नवम्बर 2020 को अमेठी सांसद व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता ने इंटरनेशनल शूटर वर्तिका सिंह, पूर्व सांसद कमल किशोर कमाण्डो के खिलाफ आयुष मंत्रालय एवं पीएम को सन्दर्भित फर्जी लेटर वायरल कर छवि धूमिल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में वर्तिका सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक भी लगा दी थी। मामले में तफ्तीश के दौरान अयोध्या जिले के रहने वाले डा. रजनीश सिंह का भी नाम प्रकाश में आया। इन्होंने भी राहत पाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। फिलहाल कोई राहत न मिलने एवं एमपी-एमएलए कोर्ट से गिरफ्तारी व कुर्की वारंट जारी होने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था,जिन्हें कई दिनों जेल काटने के बाद जमानत मिल सकी थी। मामले में पुलिस ने तफ्तीश के दौरान प्रकाश में आये आरोपी डा. रजनीश सिंह एवं वर्तिका सिंह को चार्जशीटेड किया, जबकि पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो के विरूद्ध कोई साक्ष्य न मिलना दर्शाते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी। पुलिस के जरिए दाखिल की गयी चार्जशीट पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने संज्ञान लेने के उपरांत आरोपियों को तलब करने का आदेश दे दिया था, जिसके पश्चात वर्तिका सिंह ने एमपी-एमएलए कोर्ट के संज्ञान आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो का नाम मुकदमे से निकल जाने के उपरांत वर्तिका सिंह एवं डॉ रजनीश को कोई सांसद-विधायक न होने की स्थिति में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के बजाय सम्बंधित न्यायालय को सुनवाई का क्षेत्राधिकार होना बताया था। हाईकोर्ट ने बीते 24 नवम्बर को एमपी-एमएलए कोर्ट के चार्जशीट पर हुए संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया। जिसके पश्चात एमपी-एमएलए कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में पूर्व सांसद कमल किशोर की पत्रावली अलग कर वर्तिका एवं डॉ रजनीश की पत्रावली को सीजेएम कोर्ट में विधि अनुसार कार्यवाही के लिए ट्रांसफर कर दिया। जहां सीजेएम किरन गोंड ने दोनो आरोपियों की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के उपरांत उन्हें हाजिर होने का आदेश जारी कर दिया था। जिसके पश्चात वर्तिका सिंह की तरफ से पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो की अंतिम रिपोर्ट को स्वीकृत न हो जाने तक पत्रावली सीजेएम कोर्ट के बजाय एमपी-एमएलए कोर्ट में ही या सम्बंधित मुसाफिरखाना मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई का क्षेत्राधिकार होना बताते हुए दुबारा चार्जशीट पर संज्ञान आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है,जहाँ मामला विचाराधीन और नौ मार्च को सुनवाई की तिथि नियत होना बताते हुए सीजेएम कोर्ट की कार्यवाही को स्थगित किये जाने की मांग की,वहीं स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने वर्तिका की अर्जी को महज केस विलम्बित करने के उद्देश्य देना बताते हुए खारिज करने की मांग की। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात सीजेएम किरन गोंड ने हाईकोर्ट से कोई स्थगन न होने की वजह से वर्तिका की तरफ से पड़ी अर्जी को महज केस लटकाने की मंशा से बार-बार दिया जाना मानते हुए खारिज कर दिया और आरोपियो को जरिये सम्मन 25 मार्च के लिए तलब किया है। अदालत के इस आदेश से वर्तिका को दूसरा बड़ा झटका लगा है। मालूम हो कि बीते चार मार्च को सेशन कोर्ट ने वर्तिका सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर पहला झटका दिया था। फिलहाल शुरू से ही केन्द्रीय महिला आयोग का सदस्य नामित करने के नाम पर केन्द्रीय मंत्री के निजी सचिव विजय गुप्ता समेत अन्य के जरिए की गई 25 लाख की डिमांड न पूरी करने एवं उनके खिलाफ आवाज उठाने की वजह से फर्जी केस में फंसाने का आरोप लगाने वाली वर्तिका सिंह राहत के लिए क्या कदम उठाती है यह तो भविष्य ही बताएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here