इस कोरोना महामारी में एक उम्मीद बन कर सामने आई एक पहल फाउंडेशन संस्था

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…मैं अकेला ही चला था जानिबे मंजिल मगर, लोग पास आते गए और कारवां बनता गया।…जी हां हिंदी सिनेमा के मशहूर गीतकार व तरक्कीपसंद शायर मजरूह सुल्तानपुरी की इन पंक्तियों को उन्हीं के शहर में चरितार्थ किया है मुट्ठी भर धुन के पक्के इंसनियत के पहरुओं ने। जिनका दिशा और लक्ष्य एकदम साफ है..समाज में कोई भी खुद को बेसहारा और लाचार न समझे। क्योंकि ..हम हैं ना !! इंसानियत को सबसे बड़ा मजहब मानकर इन जिद्दी जुनूनियों ने चंद माह पहले ‘एक पहल’ की। शुरुआत हुई शीत लहरी से जरूरतमंद व्यक्तियों को रात्रि में घूम घूमकर कम्बल वितरण किया गया जिला अस्पताल में एक पहल फाउंडेशन संस्था द्वारा ब्लड डोनेशन किया गया । यहां पर वक़्त के आगे लाचार बेहाल-परेशान मरीजों के लिए रक्तदान का सिलसिला शुरू हुआ तो थमा ही नहीं। यहां तक कि गांव-देहात की सीएचसी व निजी अस्पतालों में भर्ती बेसहारा लोगों का भी ‘ एक पहल ‘ आसरा बनकर आगे आया। आर्थिक मुश्किलें झेल रहे तमाम तीमारदारों को मीडिया की सुर्खियों में आए बगैर रुपये-पैसे और अनाज-पानी की मदद की। ये सब चल ही रहा था कि आ गई कोरोना की दूसरी सुनामी ! तब भी इन जिद्दी जंगजुओं ने इसे चुनौती स्वरूप स्वीकार किया। मास्क-सैनिटाइजर से लेकर ऑक्सिमीटर व ऑक्सीजन सिलिंडर-कंसेंट्रेटर तक जरूरतमंदों को घर-घर मुहैय्या कराने में फौजी जवानों की तरह अगली पांत में रहे एक पहल के ये जंगजू। ‘सांस’ के लिए बेहाल और पस्त मरीजों को अस्पतालों में बेड मुहैय्या कराने में रात-दिन इन एक्टिविस्टों ने कभी अपना मोबाइल ‘स्विच ऑफ’ नहीं किया। ..यूं तो मैं एक शिक्षिका हूं । कला-साहित्य और अदब मेरे प्रिय विषय हैं फिर भी ‘खुदी’ को भूलकर सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित करने वाले इस कारवां को तवज्जो देना अपना फर्ज समझती हूं। ईश्वर से कामना है कि वो ऐसा ही कारवां हरेक गली-मुहल्ले और गांव में फैलाए। जिससे हरजगह ‘मैं’ के बजाय ‘हम’ का भाव इसीतरह जागता जाय।..ऐसा होगा तो हमारा हिंदुस्तान निश्चित ही बुलंदियों को छू सकेगा। ज़ेबा अख्तर द्वारा यह बताया गया कि एक पहल फाउंडेशन से विगत मैं तीन माह से जुड़ी हूं और किसी न किसी तरह जरूरतमंद लोगों को एक पहल के माध्यम से सहायता पहुँचा रही हूं जो स्वयं के लिए एक सुखद अनुभव है। संस्था के द्वारा कल मिश्रा हॉस्पिटल में भर्ती रुद्र 3 वर्ष को संस्था के द्वारा ब्लड दिया गया

और दिनांक 26 मई 2021 को जनपद सुल्तानपुर में संस्था के द्वारा सेनेटाइजर करवाया जा रहा है। संस्था के द्वारा पंजाबी कॉलोनी, शास्त्री नगर, एम जी एस, चौराहा,सिरवारा रोड आदि जगह सेनेटाइजर करवाया गया।काशी राम कॉलोनी में रहने वाले लोगो की सुध लेने वाला कोई नही है वहा भी संस्था के द्वारा आज सेनेटाइजर करवाया गया। उन्होंने बताया कि संस्था के द्वारा कोरोना महामारी में लगभग 40 यूनिट ब्लड 10 यूनिट प्लेटलेट्स व कई जरूरतमंद परिवारों को राशन दिया गया है। इस मौके पर संस्था के संतोष खरे,मनीष श्रीवास्तव, गुलफाम,आकाश सिंह,प्रज्जवल मिश्रा,रोहन सेठ,अर्शदीप सिंह आदि मौजूद रहे।

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