लंबे समय से एक ही थाने पर तैनात सिपाहियों का कब होगा तबादला

क्या केवल थाना प्रभारियों का तबादला करने से सुधर जाएगी जिले की कानून व्यवस्था

जिले में विवादित पुलिसकर्मियों का कब होगा तबादला

एक ही थाने में कई साल से जमे मलाईदार पुलिस कर्मियों का क्यों नहीं हो रहा है तबादला

अंबेडकर नगर।

पुलिस विभाग के लिए हमेशा से मलाईदार जिला रहा अंबेडकर नगर मे अब आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। फरियादी थाने के चक्कर लगा रहे हैं और सुविधा शुल्क देने के बाद प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने की बात सामने आ रही है। पुलिस कर्मियों द्वारा तहरीर में नामों को बढवाना और कई बार तहरीर बदलवाना उनकी फितरत में शुमार हो गया है। ऐसा नहीं है कि इसकी सूचना आला अधिकारियों को नहीं है । बताया जाता है कि जिले के हाकिम को खबरों की भी खबर रहती है लेकिन सभी को अपने काम को करने की छूट जो मिली हुई है। आलम यह है की आम आदमी खुल्लम-खुल्ला यह कहता रहे की पुलिस ने हमें डंडे से मारा है लेकिन अंबेडकर नगर पुलिस की मीडिया सेल द्वारा एक सूचना भेजकर यह बता दिया जाए की यह सूचना गलत है । पुलिस ने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है और उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
कप्तान साहब जिले के पुलिसकर्मियों पर इतने मेहरबान हैं कि उनकी 100 गलतियां माफ वाली कहावत सटीक बैठ रही है। और अब बात करते हैं तबादले की।
आधी रात पुलिस अधीक्षक के द्वारा जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पांच थाना प्रभारियों के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया गया। लेकिन थाना प्रभारियों के कार्य क्षेत्र में बदलाव करने से ही कानून व्यवस्था सही नहीं हो पाएगी। जब तक बड़े रसूख रखने वाले भ्रष्टाचार में लिप्त रहने वाले लंबे समय से तैनात सिपाहियों का थाना व हल्का दीवान का तबादला नही हो जाता है तब तक कानून व्यवस्था का सही से पालन होना मुश्किल है। दबे कुचले लोगो को न्याय मिलना दूर हो गया है। बिना पैसे के मुकदमा भी नही लिखा जाता है। कई थानों पर जमे वर्षो से भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मी सुबह से लेकर शाम तक जेसीबी मशीन से लेकर, क्षेत्र में अवैध गांजा बिकवाने समेत अन्य अवैध काम करवाने का ठेका लेने वाले, गरीबो का शोषण करने वाले, दिन भर निजी स्वार्थ में लिप्त रहने वाले पुलिसकर्मियों का कई बार ट्रांसफर लिस्ट में नाम होने के बाद उनका ट्रांसफर रुक गया।और जमकर फरियादियो का शोषण कर भर्ष्टाचार करते हुए धन उगाही की जा रही हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर लिस्ट में नाम होने पर आम जनता को इसकी जानकारी होने पर खुशी का माहौल पैदा हो गया था और लोगो को न्याय की उम्मीद जगने लगी थी। लेकिन बाद में देखा गया कि ज्यो के त्यों पुलिसकर्मी उसी थाने पर जमे हुए है। भ्रष्टाचार में लिप्त इन्हें सिपाहियों के बदौलत पूरे थाने का भी संचालन भी किया जाता रहा है। मिली जानकारी के अनुसार इन सिपाहियों द्वारा क्षेत्र से मोटी रकम वसूल अपने हजूर को देते रहे और यही पुलिसकर्मी हजूर के बहुत खास भी बने रहे।

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