सुल्तानपुर। धनपतगंज के चंदौर में स्थित सतरही झील (पुरानी गोमती नदी) में समाई करीब दो हजार बीघा कृषि भूमि चंदौर के पास वर्षों पहले गोमती नदी की धारा बदलने के बाद पुराने स्थल पर झील बन गई। करीब 20 किमी क्षेत्र में आसपास के दर्जन भर गांव की कृषि योग्य भूमि इसमें बर्बाद हो गई।इसौली विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाली झील से हो रही किसानो की समस्या को देखते हुए *सांसद मेनका गांधी* के प्रयास पर शासन ने सतहरी झील के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करते हुए पहली किस्त अवमुक्त कर दी। धनराशि से ढबिया-चंदौर ड्रेन के किमी जीरो से किमी 20 तक आंतरिक सेक्शन की मिट्टी खोदाई व पुल निर्माण कार्य शुरू भी हो गया।लेकिन बीच मे 4 माह से कार्य को धीमी गति से किया जाने लगा।इसी अनुक्रम में कुड़वार से धनपतगंज मार्ग पर नौगवातीर के पास पड़ने वाले पीपा पुल को तोड़कर वैकल्पिक मार्ग बनाया गया जो बारिश में दो बार बह गया।जिसकी शिकायत स्थानीय लोगो ने अधिकारियों से की ।शिकायत पर मात्र खानापूर्ति करके वैकल्पिक मार्ग को छतिग्रस्त छोड़ दिया जाता है।लगातार हो रही बारिश से जलभराव होने की वजह से पुनःमिट्टी से बना वैकल्पिक मार्ग बह गया जिससे पूर्णरूप से मार्ग बंद हो गया।अधिकारियों के ढुलमुल रवैया से जनता में काफी रोष ब्याप्त है।मार्ग टूटने से छेत्रवासियो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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