कोरोना से मौत ( फोटो- रॉयटर्स)

कोरोना से मौत ( फोटो- रॉयटर्स)

Covid-19 Death: मौत के आंकड़े को लेकर मुख्य तौर पर 5 राज्यों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. ये हैं मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और दिल्ली.

नई दिल्ली. देशभर में कोरोना से मौत को लेकर मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर दिया है. इसमें कहा गया है कि अगर किसी की कोरोना से मौत (Corona Death) अस्पताल के बाहर भी हुई है तो भी उसे ‘कोविड डेथ’ ही माना जाएगा. बता दें कि पहले ऐसा नहीं हो रहा था सरकार सिर्फ अस्पताल में भर्ती कोरोना के मरीजों के मौत के आंकड़े को ही पेश कर रही थी. सरकार ने 183 पन्नों का हलफनामा दायर किया है. बता दें कि पिछले कुछ समय से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि देशभर में कोरोना से मौत की संख्या सरकारी आंकड़े से कई गुना ज्यादा है. सरकार के मुताबिक, भारत में अब तक 3.85 लाख लोगों की कोरोना से मौत हुई है.

मौत के आंकड़े को लेकर मुख्य तौर पर 5 राज्यों पर सवाल उठाए जा रहे हैं. ये हैं मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और दिल्ली. कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि यहां अकेले 4 लाख से ज्यादा मौतें हुईं हैं. हालांकि सरकार ने पहले ही इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए आधारहीन बताया है.

डेटा में गड़बड़ी!

एनडीटीवी ने दावा किया है कि इस साल पिछले पांच महीनों के दौरान बिहार में 75 हज़ार लोगों को मौत हुई. ये मौत कैसे हुई है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. कई एक्सपर्ट्स इसे कोरोना से जोड़ कर देख रहे हैं. हाला के दिनों में कोराना की दूसरी लहर थमने के बाद बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित कई राज्यों ने अचानक बड़ी संख्या में मौत के आंकड़े पेश किए. दलीलें दी गईं कि पहले उनके पास ये आंकड़े नहीं आए थे, लिहाजा इसे अपडेट किया जा रहा है.ये भी पढ़ें:- UP: बन रहा जनसंख्या नियंत्रण का मसौदा, दो से अधिक बच्चे वालों की बढ़ेगी मुश्किल

मौत की संख्या में अचानक इज़ाफ़ा

महाराष्ट्र में पिछले 12 दिनों में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 8800 पहुंच गई है. बता दें कि महाराष्ट्र में अब तक 1.17 लाख लोगों की कोरोना से मौत हुई है. उधर पटना हाईकोर्ट ने भी शनिवार को बिहार के आंकड़ों में हेराफेरी को लेकर नाराज़गी जताई थी. बता दें कि दो हफ्ते पहले अचानक बिहार ने मौत का आंकड़ा अपडेट करते हुए हर किसी को हैरान कर दिया था. यहां 5 हजार नई मौतें दिखाई गई थी. दलील दी गई थी कि ये पिछले महीने के पुराने डेटा हैं.

नहीं दे सकते मुआवजा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को ये भी बताया है कि कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है.सरकार ने कहा कि आपदा कानून के तहत अनिवार्य मुआवजा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि पर ही लागू होता है. सरकार की ओर से कहा गया है कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर अनुग्रह राशि दी जाए और दूसरी पर नहीं तो ये गलत होगा.





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