कोरोना वायरस से बचने और हमारी चिकित्सा व्यवस्ता को ठीक करने के लिए डॉक्टर नेहा शर्मा की राये

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लखनऊ की अग्रणी इंटरनेट मार्केटिंग कंपनी Web Gestures Info Solution ने कोरोना से लड़ने और उससे बचने के लिए लखनऊ के प्रमुख डॉक्टरों से बात चीत की जो Web Gestures Info Solution के महत्वपूर्ण क्लाइंट्स भी है और उनकी राये कंपनी ने सुल्तानपुर एक्सप्रेस न्यूज़ से साझा भी किया इस क्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी वकास वारसी जी ने लखनऊ की वरिष्ठ डेंटल डॉक्टर नेहा शर्मा से बातचीत की डॉक्टर नेहा शर्मा पेशे से डेंटल डॉक्टर है, और FDC फॅमिली डेंटल केयरएंड इम्प्लांट सेंटर क्लिनिक गोमती नगर विस्तार सेक्टर-१, से लखनऊ वासियों की विगत कई वर्षो से सेवा कर रही है इसी सेवा क्रम में आगे बढ़ते हुए डॉक्टर नेहा शर्मा ने कुछ सुझाव Web Gestures Info Solution को भी दिए जो उन्होंने जन हित के लिए सुल्तानपुर एक्सप्रेस न्यूज़ से भी शेयर किया

डॉक्टर नेहा शर्मा ने अपनी बात प्रारम्भ करते हुए कहा की

जैसा कि हम सभी जानते हैं, वर्तमान में पूरी दुनिया COVID -19 की महामारी के तहत पल रही है। ऐसी स्थिति में, देश भर के सभी मनुष्य कोरोना के कारण अपने परिवार और दोस्तों को खो रहे हैं। कोरोना एक महामारी है जिससे हम डर कर या घर बैठे नहीं बच सकते। इस महामारी को देखते हुए हमें अपने देश की सरकारों पर हमला करने के बजाय COVID -19 से बचने की कोशिश करनी होगी। इस महामारी में सरकार हमें जो सुरक्षा दे रही है, उसकी तर्ज पर हम सभी देशवासियों को COVID -19 का टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए। इसके साथ ही, सभी को मास्क पहनना होगा और अपनी खुद की और दूसरों की सुरक्षा के लिए सभी स्थानों पर सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।

आगे डॉक्टर नेहा शर्मा जी ने कुछ तथ्य भी शेयर किया जिसे जानना बहुत जरूरी है

दूसरी लहर से सबक।
भारत आज ठीक उसी स्थिति में प्रतीत हो रहा है, जब ब्रिटेन दिसंबर 2020 के मध्य में था। सबसे पहले, COVID पॉजिटिव लोगो की संख्या एक सप्ताह में बहुत तेज़ी से बड़ी और उसी क्रम में 2 सप्ताह बाद लोगो की संख्या बहुत तेज़ी अस्पताल में भी बढ़ने लगी और मौतों की वृद्धि किसी से नहीं छुपी है वो हम सब जानते ही है ब्रिटैन की दिसंबर माह की स्तिथि से हम सब को कुछ सबक लेना चाहिए

  1. COVID का 99% पॉजिटिव मरीज अपने आप ठीक हो जाता है। उनको बस कुछ आवश्यक चीज़ों की निगरानी की आवश्यकता होती है जैसे की ऑक्सीजन स्तर 93% से कम न हो , बुखार और शरीर में दर्द की अवस्था में पैरासिटामोल (क्रोकिन या डोलो) का सेवन कर सकते है और संक्रमित व्यक्ति और घर से और भी अन्य लोग अपने आप को होम आइसोलेट कर ले और हाँ ध्यान दे प्लाज्मा, रेमेडिसविर, आइवरमेक्टिन, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन नेटीबायोटिक्स या यहां तक ​​कि स्टेरॉयड, ब्लड थिनर या टोक्लिज़ुमाब इन सब की कोई आवश्यकता या लाभ नहीं है। अस्पताल में भर्ती होने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि ऑक्सीजन का स्तर 93% से ऊपर है।
  2. COVID एक बीमारी है जो एक ही समय में बहुत से लोगों को प्रभावित करती है, हालांकि यह है कि यह 1% लोगों गंभीर रूप से प्रभावित करता है हमारे सभी चिकित्सा संसाधनों (अस्पताल के बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि) को इन सभी गंभीर रूप से प्रभावित 1% लोगो को बचने के लिए उपयोग किया जाना चाइये नाकि 99% हल्की बीमारी वाले हलके प्रभावित लोग होम आइसोलेशन से भी ठीक हो सकते है
  3. Steroids और Blood थिनर्स केवल 1% लोगो के लिए महत्वपूर्ण है जो गंभीर रूप से संक्रमित है टॉलिजुमब भी केवल 4% लाभकारी है और यह उपलब्ध होने की स्थिति में दिया जाना चाहिए । रेमेडिसविर का बहुत ही कम लाभ है लेकिन यदि नहीं दी जाती है तो रोगी को बहुत नुकसान भी नहीं होता है। हालांकि COVID में टोलिज़ुमैब / रेमडीसेविर जीवन रक्षक कहना गलत होगा।
  4. प्लाज्मा का बड़े पैमाने पर अध्ययन किया गया है और इसका कोई फायदा नहीं हुआ है। अध्यन में 11,000 रोगियों को दिए गए प्लाज्मा और 11,000 संक्रमितों को प्लाज्मा नहीं दिया गया संपूर्ण अध्यन के बाद यह समझ आया की प्लाज्मा थेरेपी कोरोना वायरस से लड़ने में बहुत कारगर नहीं है।
  5. हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन / इवर्मेकिन पे विश्व की महत्पूर्ण चिकित्सा संगठन अध्यन किया और उन्होंने ने पाया इन दवाओं से सेवन से कोई ख़ास लाभ नहीं मिला है और इन दवाओं को संक्रमित व्यक्ति को नहीं देना चाहिए।
  6. ब्रिटेन के कई अस्पतालों ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों को भर्ती करना बंद करना पड़ा। हमें केवल 93 से 94 से ऊपर के स्तर के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन देने की आवश्यकता है। अक्सर ऑक्सीजन के प्रवाह को उच्चतम स्तरों तक मोड़ने की प्रवृत्ति होती है। इससे बचना होगा।
  7. ब्रिटेन में अस्पतालों में प्रवेश के लिए कुछ सख्त मापदंड थे जैसे ICU बेड या साधारण बेड उसे ही दिया जाएगा जिनको ऑक्सीज़न की जरूरत है मतलब 99 % लोग जो कोरोना पॉजिटिव है उन्हें ऑक्सीज़न की जरूरत नहीं पड़ती है केवल 1 % लोग जोकि अधिक संक्रमित है उन्हें ही ऑक्सीज़न की आवशकता होती है। इसी मापदंड को भारत में भी सख्ती से लागू करने की जरूरत है इससे हमारे अस्पतालों में भीड़ कम हो जाएगी
  8. एक बार जब किसी की कोविड पॉजिटिव का परीक्षण कर लिया है, तो कुछ दिनों के बाद यह देखने के लिए कि उसे अभी भी कोविड पॉजिटिव है, यह देखने की आवश्यकता नहीं है और नहीं ही उस व्यक्ति के पुनः टेस्ट किया जाये यह संसाधनों का दुरूपयोग है। लक्षणों की शुरुआत की तारीख के बाद संक्रमित व्यक्ति को 2 सप्ताह होम आइसोलेशन पूरे होने पर एक व्यक्ति को कोविड पॉजिटिव और नेगेटिव माना जाता है।

अंत में डॉक्टर नेहा शर्मा ने संपूर्ण समाज को पैनिक न होने संयम से काम लेने की सलाह दी और फेस मास्क और सोशल डेसटेन्सिंग ही सबसे महत्वपूर्ण हतियार है कोरोना महामारी से बचने के लिए
Web Gestures Info Solution अपने समस्त डॉक्टर्स क्लाइंट से बातचीत करके के कोरोना से बचने और उससे लड़ने के लिए सुझाव लेके के आप सभी से साझा करता रहेगा यदि आपके के पास बह कोई महत्वपूर्ण सुझाव है जिससे इस महामारी से बचा या लड़ा जा सकता है आप हमसे साझा कर सकते है अपने सुझाव हमे ईमेल करे हमारा ईमेल है help@webgestures.com

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