नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उनके पद से हटा देना चाहिए. TMC का तर्क है कि तुषार मेहता ने शुभेंदू अधिकारी से मुलाकात की है जो नारद मामले में आरोपी हैं. वहीं तुषार मेहता इसी मामले में सीबीआई के वकील हैं. लेकिन अब तुषार मेहता ने खुद इस मामले पर पूरी जानकारी दी है. उनका कहना है कि शुभेंदू अधिकारी उनके घर आए तो थे लेकिन दोनों के बीच कोई मुलाकात नहीं हुई.

तुषार मेहता ने कहा कि बिना किसी पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के उनके घर आए थे. शुभेंदू ने जब तुषार से मिलने की इच्छा जताई तो उनके (तुषार) के कर्मियों ने कहा कि वो अभी किसी बैठक में हैं. तुषार मेहता ने मीटिंग की. इस बीच शुभेंदू अधिकारी तुषार मेहता के घर से चले गए. तुषार अपने पूर्वनिर्धारित काम करते रहे. उनकी शुभेंदू से कोई मुलाकात ही नहीं हुई. तुषार मेहता का साफ कहना है कि उनकी शुभेंदू के साथ कोई मीटिंग नहीं हुई है.

तृणमूल सांसदों ने बताया है ‘हितों का टकराव’

गौरतलब है कि गुरुवार को अधिकारी दिल्ली में थे और उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. इसके बाद वह तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद दिनेश त्रिवेदी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मिलने भी पहुंचे थे. अब तृणमूल सांसदों ने पत्र लिखकर मेहता को हटाने का अनुरोध किया. सांसदों ने एसजी मेहता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच एक बैठक को ‘हितों का टकराव’ बताते हुए मांग की. पीएम को भेजी गई चिट्ठी में अधिकारी को विभिन्न आपराधिक मामलों में आरोपी बताया गया है.

टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने शुभेंदु की तुषार मेहता के साथ मुलाकात की निंदा की और पूछा कि नारद मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल इसी मामले के एक कथित आरोपी से कैसे मिल सकते हैं? घोष ने कहा कि ‘मेहता नारद मामले में सीबीआई के वकील हैं और वह शुभेंदु अधिकारी से मिल रहे हैं, जिनका नाम नारद मामले की FIR में है. क्या हो रहा है? उन्हें (शुभेंदु अधिकारी) तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए.’

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here