पश्चिमबंगाल के खड़गपुर में आम की 45 किस्‍में तैयार की जा रही हैं.. Image Credit : Pixabay

पश्चिमबंगाल के खड़गपुर में आम की 45 किस्‍में तैयार की जा रही हैं.. Image Credit : Pixabay

खड़गपुर की पुष्‍पांजलि नर्सरी अशोक के 20 एकड़ के फार्म में से 10 एकड़ फार्म पर आम की फसल पैदा की जा रही है. खास बात है कि यहां भारत में पाई जाने वाली आम की सभी वैरायटी के अलावा विदेशों में पाई जाने वाली करीब 15 किस्‍मों की पौध तैयार की जा रही है.

नई दिल्‍ली. गर्मी का मौसम अपने साथ मिठास भी लेकर आता है और इस मौसम में सबसे ज्‍यादा मीठा अगर कुछ है तो वह आम (Mango) है. भारत में आम को फलों का राजा भी कहते हैं लेकिन क्‍या आपको पता है कि आम सिर्फ भारत में ही नहीं होता बल्कि विदेशों में भी बड़े चाव से उगाया जाता है. यहां पैदा होने वाली आम की किस्‍मों और विदेश में मिलने वाली आम की प्रजातियों में भी अंतर है.

देश के कई राज्‍यों में आम की पैदावार की जाती है लेकिन पश्चिम बंगाल में कोलकाता से करीब 150 किलोमीटर दूर खड़गपुर (Kharagpur) में आम पर शोध करने के साथ ही की नई-नई किस्‍में पैदा की जा रही हैं. शोध और नई प्रजातियां पैदा करने के लिए मशहूर खड़गपुर की पुष्‍पांजलि नर्सरी अशोक में आम की इन किस्‍मों को तैयार किया जा रहा है.

न्‍यूज18 हिंदी से बातचीत में नर्सरी के प्रमुख अशोक कुमार मैती ने बताया कि खड़गपुर की पुष्‍पांजलि नर्सरी के 20 एकड़ के फार्म में से 10 एकड़ फार्म पर वे आम की फसल पैदा कर रहे हैं. यहां मुख्‍य रूप से आम के पौधे तैयार किए जा रहे हैं. खास बात है कि यहां भारत में पाई जाने वाली आम की सभी वैरायटी के अलावा विदेशों में पाई जाने वाली करीब 15 किस्‍मों की पौध तैयार की जा रही है.

मैती कहते हैं कि भारत में करीब 51 तरह के आम उगाए जाते हैं लेकिन 30 प्रकार के आम की किस्‍में प्रमुख हैं. इनमें दशहरी, लंगड़ा, हापुस, कलमी, चौसा, केसर, मालदा, तोतापरी, मल्लिका, पायरी, आम्रपाली, बंगनपल्‍ली, हिमसागर, बादामी, हाथीझूल,फज़ली, बंबई ग्रीन, किशनभोग, मलगोवा, रत्‍ना, अर्मापुनीत, सफेदा, गौरजीत, वनराज, बैंगनपल्‍ली, जर्दालू, सुवर्णरेखा आदि किस्‍में पाई जाती हैं. हालांकि कई ऐसी किस्‍में भी हैं जो या तो जंगलों में या किसी राज्‍य में लोकल स्‍तर पर मिलती हैं लेकिन वे बाजार में नहीं जाती.

दुनिया का सबसे महंगा आम जापान का मियाजाकी है. Image/shutterstock

दुनिया का सबसे महंगा आम जापान का मियाजाकी है. Image/shutterstock

ऐसे में पुष्‍पांजलि नर्सरी अशोक में ये सभी करीब 30 तरह की पौध तैयार हो रही हैं. वहीं विदेशी आमों की बात करें तो यहां थाइलेंड, बांग्‍लादेश और जापान के आमों की किस्‍मों को भी उगाया जा रहा है और फसल तैयार की जा रही है.

पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम पर विकसित कर चुके हैं गुलाब की प्रजाति

करीब 65 लोगों की टीम के साथ फूलों और फलों की नई नई किस्‍में तैयार करने वाले मैती इससे पहले पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम पर गुलाब की प्रजाति भी विकसित कर चुके हैं. इन्‍होंने राष्‍ट्रपति भवन के मुगल के मुगल गार्डन में काले रंग के इस गुलाब की प्रजाति को उगाया है और उसे पूर्व राष्‍ट्रपति का नाम दिया है. मैती को इस काम के लिए समानित भी किया जा चुका है. अब वे आम की किस्‍मों पर काम कर रहे हैं.

भारत में आम की 50 से ज्‍यादा किस्‍में उगाई जाती हैं. Image/New18

भारत में आम की 50 से ज्‍यादा किस्‍में उगाई जाती हैं. Image/New18आम की सबसे महंगी पौध है मियाजाकी

मैती कहते हैं कि जापान का मियाजाकी आम दुनिया का सबसे महंगा आम है. यह जापान के मियाजाकी प्रान्‍त में ही उगाया जाता है उसी के नाम पर इसका भी नाम मियाजाकी है. लाखों में कीमत होने के कारण जापान में तो इसकी बोली लगाई जाती है हालांकि भारत में इसे पैदा करने पर इसकी कीमत हजारों में आ जाती है. इसका रंग आधा लाल और आधा पीला होता है. अगर भारत में इसे उगाया जाए तो यह पांच हजार रुपये किलो तक मिल सकता है. यहां कई जगहों पर लोग इसे उगा भी रहे हैं. मैती कहते हैं कि जापान का ही एक और आम है वह भी काफी महंगा है वह है एगवसान.

थाईलैंड और बांग्‍लादेश के आम की किस्‍में भी हो रहीं तैयार

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