गुपकार घोषणा बैठक में शामिल होंगी महबूबा, उमर अब्दुल्ला के ट्वीट पर कहा- मिलकर बदल सकते हैं चीजें

फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की

Gupkar Declaration: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में ‘गुपकार घोषणा’ पर भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए गुरुवार को अपने आवास पर बैठक बुलाई है. इस बैठक का न्योता महबूबा मुफ्ती ने स्वीकार कर लिया है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 14, 2020, 7:53 PM IST

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (PDP Chief Mehbooba Mufti) ने अपनी रिहाई के एक दिन बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) और उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) से अपने आवास पर मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, “मेरे पिता और मैं आज दोपहर महबूबा मुफ्ती साहिबा के न्योते पर हिरासत के बाद उनका हाल चाल पूछने के लिए उनसे मिले. उन्होंने कल दोपहर बाद गुपकार घोषणा (Gupkar Declaration) पर हस्ताक्षर करने वालों की बैठक में शामिल होने के फारूक साहब के निमंत्रण को विनम्रता से स्वीकार कर लिया है.”

महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला के इस ट्वीट के जवाब में लिखा- “अच्छा लगा कि आप और फारूक साहब घर आए. उन्हें सुनकर मुझे हिम्मत मिली. मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर बेहतरी के लिए चीजें बदल सकते हैं.” फारूक और उमर अब्दुल्ला की महबूबा मुफ्ती से हुई इस मुलाकात के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. मुफ्ती के गुपकार घोषणा की बैठक के न्योते को स्वीकारने के बाद जम्मू-कश्मीर की दो अहम और विरोधी पार्टियों के साथ आने को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि दोनों ओर से ही ऐसी संभावनाओं को फिलहाल नकार दिया गया है.

क्या है गुपकार घोषणा
बता दें नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में ‘गुपकार घोषणा’ पर भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए गुरुवार को अपने आवास पर बैठक बुलाई है. गुपकार घोषणा नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष के गुपकार स्थित आवास पर चार अगस्त, 2019 को हुई एक सर्वदलीय बैठक के बाद जारी प्रस्ताव है. इसमें कहा गया था कि पार्टियों ने सर्व-सम्मति से फैसला किया है कि जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और उसके विशेष दर्जे को संरक्षित करने के लिए वे मिलकर प्रयास करेंगी.

गौरतलब है कि पीडीपी अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को उनके विरुद्ध जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोपों को इस केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा हटा लिए जाने के बाद मंगलवार रात रिहा कर दिया गया. पिछले साल अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था.

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