गोरखपुर के इस गांव में 2 महीने में 100 लोगों की गई जान

गोरखपुर के इस गांव में 2 महीने में 100 लोगों की गई जान

प्रशासनिक सक्रियता के बाद सीडीओ (CDO) इन्द्रजीत सिंह का दावा है कि गांव में अब संदिग्ध मौतें नहीं हो रही हैं. ग्रामीण भी जांच कराने के लिए आगे आ रहे हैं.

गोरखपुर. कोरोना की दूसरी लहर (Corona Second Wave) में बड़ी संख्या में लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो रहे हैं. इस बीच यूपी के गोरखपुर (Gorakhpur) के सरदार नगर ब्लॉक के गौनर गांव में पॉजिटव केस और मरने वालों का आंकड़ा चौंकाने वाला है. यहां दो महीने में हुई 100 मौतों से लोग हैरान हैं. खास बात‍ ये है कि 15 हजार की आबादी वाले इस गांव में कोई भी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र नहीं है. मौत का कारण स्पष्ट नहीं है. वहीं ग्रामीण रमाकांत शर्मा ने कहा कि पिछले दो महीने में 100 के करीब मौतें हुई हैं, पर मौत किस वजह से हुई ये पता नहीं. ग्रामीण विमल निषाद बताते हैं कि डेढ़ माह में 70 से 80 मौतें गांव में हुई हैं. लगातार हो रही मौते के बाद जब इसकी जानकारी जिला प्रशासन को हुई तो सीडीओ इन्द्रजीत सिंह और क्षेत्रीय विधायक संगीता यादव ने गांव की यथा स्थिति जानने पहुंचे. गांव में ही कोरोना जांच की सुविधा दी गयी. आशा वर्कर का कहना था कि गांव के लोग जांच ही नहीं करा रहे थे, वो जांच कराने के भाग रहे थे. ग्रामीणों में कोरोना का खौफ सिर चढ़कर बोल रहा था. जिसके बाद प्रशासन की टीम ने गांव में दवा की किट का वितरण कराया. पूरे गांव को सेनेटाइज किया गया. सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया. साथ ही जो लोग संदिग्ध थे उन्हें आइसोलेट किया गया. सीएचसी प्रभारी की विशेष ड्यूटी लगाई गयी. पार्थ श्रीवास्तव सुसाइड केस: लखनऊ पुलिस आज करेगी आरोपियों से पूछताछ, सवालों की लिस्ट तैयार वहीं, गोरखपुर के कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने भी गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से बात की. उन्होंने कहा कि जिनको भी लक्षण हैं वे सामने आएं. कोरोना पॉजिटिव होना समस्या नहीं है. होम आइसोलेशन में 95 प्रतिशत लोग ठीक हो रहे हैं. जबकि 5 प्रतिशत लोगों को ही हॉस्पिटल में भर्ती कराने की स्थित आ रही है. अन्य जगहों पर यह प्रतिशत दर और कम है. इसलिए पॉजिटिव होने के या लक्षण दिखने पर हम निगरानी समिति या अन्य टीम के माध्यम से दवा देंगे.संदिग्ध मौतों की जांच जारी- CDO प्रशासनिक सक्रियता के बाद सीडीओ इन्द्रजीत सिंह का दावा है कि गांव में अब संदिग्ध मौतें नहीं हो रही हैं. ग्रामीण भी जांच कराने के लिए आगे आ रहे हैं. साथ ही कहा कि गांव की आबादी बड़ी है और अब ये सर्वेक्षण कराया जायेगा कि पिछले दो महीने में कितनी मौतें हुई हैं और उनका क्या कारण रहा है.









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