गोरखुपर. इश्क जाति (Cost) और धर्म (Religion), उम्र और लिंग देखकर नहीं होता. बस इश्क हो जाता है. इस कहावत को शायद आपने सुना हो. ऐसा ही एक मामला गोरखपुर (Gorakhpur) में सामने आया है. यहां दो सहेलियों के बीच प्यार हो गया और दोनों लड़कियां घर छोड़कर फरार हो गईं. पढ़ाई के दौरान दोनों लड़कियों के बीच प्यार परवान चढ़ा और वो फरार हो गईं और जालंधर पहुंचीं. दोनों सहेलियों में से एक नाबालिग थी, जिसके बाद नाबालिग लड़की के घर वालों ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया.

पुलिस ने जब इन्हें बरामद किया तो इनके समलैंगिक होने की बात सामने आयी. पहले तो घरवालों ने दोनों लड़कियों को खूब समझाने की कोशिश की. लेकिन, दोनों नहीं मानीं और शादी करने की जिद पर अड़ी रहीं. इस पर पुलिस ने अपहरण के आरोप में बालिग सहेली को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

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मामला गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के गाहासाड़ का है. यहां श्वेता और साबित्री (काल्पनिक नाम) की दो लड़कियां साथ में पढ़ती थीं. साथ में एनसीसी ज्वाइन किया और इसी दौरान दोनों में प्यार हो गया. जब उन्हें लगा कि उनके घरवाले और समाज उनके प्यार को मान्यता नहीं देगा तो दोनों ने घर छोड़कर भागने का फैसला किया. इसके बाद दोनों लड़कियां अपने घर से भाग गईं.

इसके बाद नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दी. शिकायत में बताया कि गांव की ही एक दूसरी लड़की जो उसके साथ पढ़ती है, परिवार के साथ मिलकर उसकी लड़की का अपहरण कर लिया है. तहरीर मिलने के बाद पुलिस जब सक्रिय हुई और जांच शुरू किया तो समलैंगिकता का मामला सामने आया. इसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया. इसके बाद दोनों लड़कियां शादी करने के लिए अड़ गईं. लड़कियों का कहना था कि समलैंगिकता कानूनी रूप से जायज है. इस पर पुलिस ने बालिग लड़की के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर बालिक लड़की को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.





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