बिहार में चिल्लाने पर होगी तीन माह की सजा, शांतिपूर्ण चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने दिखाई सख्ती.

बिहार में चिल्लाने पर होगी तीन माह की सजा, शांतिपूर्ण चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने दिखाई सख्ती.

बिहार में मतदान के दिन मतदान केंद्र या उसके नजदीक चिल्लाने वाले लोग कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर मतदान केंद्र और उसके आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतदान के दिन चिल्लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. चिल्लाने पर तीन महीने की सजा और जुर्माना हो सकता है.

पटना. बिहार ( Bihar) में अगले कुछ दिनों में होने वाले पंचायत चुनाव ( Panchayat Election) के दौरान शोर मचाना, चिल्लाना आप पर भारी पड़ सकता है. मतदान के दिन मतदान केंद्र ( Polling Station) या उसके नजदीक चिल्लाने वाले लोग कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर मतदान केंद्र और उसके आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतदान के दिन चिल्लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. चिल्लाने पर तीन महीने की सजा और जुर्माना हो सकता है. इसको लेकर आयोग द्वारा दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान की तिथि के दिन मतदान केंद्र के भीतर, प्रवेश द्वार पर या फिर उसके आस-पास किसी सार्वजनिक और निजी स्थान पर कोई चिल्ला नहीं सकेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि चिल्लाने से निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों के कार्य में बाधा पड़ सकती है. अगर किसी के चिल्लाने से मतदान केंद्र के काम में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों और दूसरे व्यक्तियों के कार्य में बाधा पड़ेगी तो आयोग के निर्देशानुसार चिल्लाने वाले व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ेगी. आयोग के अनुसार मतदान केंद्र के भीतर  प्रवेश द्वार, उसके बगल में लाउडस्पीकर जैसा उपकरण उपयोग में नहीं लाया जा सकेगा और ना ही चलाया जा सकेगा.

अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे 3 माह की सजा और जुर्माना या फिर दोनों सजा एक साथ हो सकती हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार कोई व्यक्ति मतदान केंद्र के समीप चिल्लाने पर लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन करता है या फिर उसके लिए जानबूझकर मदद करता है तो उसे 3 माह तक की कारावास या जुर्माना या फिर दोनों सजा एक साथ काटनी होगी. आयोग के अनुसार पीठासीन अधिकारी अगर किसी को इस तरह के मामले में संलिप्त पाता है तो वह पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दे सकता है. पुलिस पीठासीन पदाधिकारी का निर्देश मिलते ही आरोपी शख्स पर कानूनी कार्रवाई कर गिरफ्तार कर सकती है.





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