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ताइपे. ताइवान (Taiwana) के रक्षामंत्री और खुफिया प्रमुख ने दावा किया है कि चीन (China) ने उसकी सीमा में जेट फाइटर प्लेन भेजे थे. इतना ही नहीं ताइवान ने एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम एक्टिवेट कर दिया है.  ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि चार चीनी जे -16 और चार जेएच -7, साथ ही एक इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान, दक्षिण चीन सागर के ऊपरी हिस्से में ताइवान-नियंत्रित प्रतास द्वीपों के पास, अपनी हवा के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में उड़े.

हाल के महीनों में चीन ने लोकतांत्रिक द्वीप के आसपास अपनी सैन्य गतिविधि को बढ़ा दिया है. चीन का दावा है कि वह क्षेत्र उसका है.  चीनी विमान लगभग रोज जोन के दक्षिण-पश्चिमी कोने में उड़ान भरते हैं, हालांकि आखिरी बार बड़े पैमाने पर ऐसी घुसपैठ 24 जनवरी को हुई थी जब 12 चीनी फाइटर जेट शामिल हुए थे. अलजजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन की ओर से अब तक इस मामले पर कोई जानकारी नहीं दी गई.

ताइवान ने दावा किया चीनी फाइटर प्लेन्स की घुसपैठ की सूचना मिलते ही ताइवान एयरफोर्स ने चीनियों का पीछा किया और रेडियो पर चेताया. इसके बाद ताइवान ने इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिया है.

ताइवान ने कहा, अमेरिका के साथ संबंध मजबूतबीते दिनों ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने कहा है कि अमेरिकी प्रशासन में बदलाव के बीच उनके देश का अमेरिका के साथ संबंध मजबूत बना हुआ है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी नौसेना दक्षिण चीन सागर में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है.

साई इंग-वेन ने कहा कि चीन द्वारा काफी संख्या में सैन्य विमान ताइवान के दक्षिणपश्चिमी हवाई क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी सैन्य समर्थन बरकरार है.

उन्होंने पारंपरिक चंद्र नववर्ष के मौके पर टेलीविजन पर दिये अपने संबोधन में कहा, ‘मैं यह कहना चाहूंगी कि ताइवान दवाब में नहीं झुकेगा और समर्थन प्राप्त करके जल्दबाजी में आगे नहीं बढ़ेगा.’

उन्होंने कहा, ‘जब तक बीजिंग के प्राधिकारी संघर्ष के समाधान के लिए तैयार हैं, हम भी समानता और गरिमा की शर्त के साथ उनके साथ बातचीत के लिए तैयार हैं.’साई की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब अमेरिका के प्रशांत बेड़े ने दक्षिण चीन सागर में अभ्यास किया है जिसमें उसके विमानवाही पोत थियोडोर रूजवेल्ट और निमित्ज़ सहित उसके जहाजों और विमानों ने हिस्सा लिया.

कमान और नियंत्रण क्षमताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाना उद्देश्य- अमेरिका
अमेरिका के सातवें बेड़े ने एक बयान में कहा कि अभ्यास का उद्देश्य कमान और नियंत्रण क्षमताओं के बीच सामंजस्य बढ़ाना है. चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर स्वामित्व का दावा करता है और उसने इसमें कई कृत्रिम द्वीप भी निर्मित किये हैं.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि अमेरिकी अभ्यास क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अनुकूल नहीं है. उन्होंने कहा, ‘चीन अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता जारी रखेगा और क्षेत्रीय देशों के साथ दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए काम करेगा.’



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