स्टैंड में एक-दूसरे से लड़ते रूस औऱ इंग्लैंड के फैंस

स्टैंड में एक-दूसरे से लड़ते रूस औऱ इंग्लैंड के फैंस

इंग्लैंड (England) और रूस (Russia) के बीच यूरो कप 2016 के पहले ही मुकाबले में जमकर हिंसा हुई थी

नई दिल्ली. यूरो कप यूरोपियन देशों का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है. साल 2016 में यूरो कप (Euro Cup) का आयोजन फ्रांस (France) में हुआ था. पहली बार इस टूर्नामेंट में 16 की जगह 24 टीमों ने हिस्सा लिया था. हर बार की तरह यूरोप के फुटबॉल फैंस अपने-अपने देशों का हौंसला बढ़ाने फ्रांस पहुंचे थे. इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड (England) और रूस (Russia) के बीच खेले गए मुकाबले में फैंस की झड़प हुई जिससे निपटने में पेरिस की पुलिस को तीन दिन लगाए. मैच ड्रॉ होने पर शुरू हुई हिंसा इंग्लैंड (England) औऱ रूस (Russia) ग्रुप स्टेज पर अलग-अलग ग्रुप में शामिल थे. रूस जहां ग्रुप बी में था वहीं इंग्लैंड ग्रुप ए में था.  मार्सिली में इंग्लैंड और रूस के बीच खेले गए पहले मुकाबले में जैसे ही स्टॉपेज टाइम में रूस ने बराबरी का गोल दाग मैच को 1-1 से ड्रॉ कराया स्टेडियम में हिंसा शुरू हो गई. इस हिंसा की शुरुआत कैसे हुई यह तो साफ तौर पर आज तक पता नहीं चला है लेकिन उस समय चश्मदीदों का कहना रूस के फैंस हाथ में झंडे लेकर आए थे और उन्हीं के साथ वह बैरियर तो तोड़ने लगे जो दोनों देशों के फैंस को अलग रखने के लिए बनाया गया था. पुलिस के हाथों से बाहर हो गई थी स्थितिबड़ी संख्या में इंग्लैंड और रूस के समर्थकों के बीच इस दौरान मारपीट शुरू हो गई और दोनों ओर से सभी ने एक दूसरे पर बीयर की बोतलों फेंकी. दर्शकों ने स्टेडियम की कुर्सियों को तोड़ डाला. दंगा रोधी पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.. चार साल पहले पोलैंड में हुए यूरो कप 2012 में रूस पर इसी तरह की हिंसक वारदातों के कारण रूस पर कार्रवाई की गई थी और रूसी टीम के छह अंकों को काट लिया गया था. इस हिंसा के बाद 6 से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया वहीं इंग्लैंड कम से कम 34 अन्य घायल हो गए हैं. पुलिस को वाटर कैनन और आंसू गैस का करना पड़ा इस्तेमाल दो फैंस को फील्ड पर घुसने के लिए गिरफ्तार किया गया. हिंसा इतनी खतरनाक थी कुछ फैंस कोमा में चले गए थे. एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है जिसमें एक व्यक्ति अपने बेटे को बचाने का प्रयास कर रहा है जबकि रूस का एक प्रशंसक उसे लात घूंसे मार रहा है. इस मैच के बाद अगले दिन भी यूरो कप के मैच से पहले दोनों देशों के फैन स्टेडियम से बाहर भी भिड़ गए. पुलिस को इस हिंसा को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. पूरा मामला शांत होने में तीन दिन लग गए.
मैच के बाद बदले गए कई नियम इस हिंसा की कई देशों और फ्रांस की सरकार ने निंदा की थी. इस घटना के बाद टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियम में किसी भी तरह के एलकोहल के लाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया. इस हिंसा में इंग्लैंड के स्ट्राइकर जेमी वर्डी की पत्नी रेबाकाह की पत्नी भी चोटिल हो गई थीं. हालांकि जिस हफ्ते यह घटना हुई उसके अगले ही हफ्ते में आईसलैंड और हंगरी के बीच हुए मुकाबले में फिर से फैंस के बीच लड़ाई हुई लेकिन इसे आसानी से काबू पा लिया गया. लॉकडाउन के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर फंसा यह खिलाड़ी, पार्क में रहकर बिताने पड़े 73 दिन









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