प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (File Pic)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (File Pic)

अमेरिकी राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद जो बाइडन ने 20 जनवरी को पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिकी के वापस लौटने की घोषणा की थी.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जलवायु संकट (Climate Issue) विषय पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पहल पर 23-24 अप्रैल को आयोजित होने वाले दो दिवसीय शिखर सम्मेलन को पहले दिन संबोधित करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित दुनिया के 40 देशों के नेताओं को इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि पाकिस्तान को इस सम्मेलन में नहीं बुलाया गया है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले नेता चर्चा करेंगे कि किस प्रकार से राष्ट्रीय परिस्थितियों एवं टिकाऊ विकास प्राथमिकताओं का सम्मान करते हुए समावेशी एवं लचीले आर्थिक विकास के साथ जलवायु कार्रवाई को जोड़ा जा सकता है. इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेताओं के पहले सत्र में भारतीय समयानुसार शाम 5.30 से 7.30 के बीच ‘2030 की ओर हमारी सामूहिक दौड़’ विषय पर संबोधन देंगे.

 बाइडन के लिए जलवायु परिवर्तन एक महत्वपूर्ण विषय 
मंत्रालय ने कहा है कि इस शिखर सम्मेलन में दुनियाभर से करीब 40 नेता हिस्सा लेंगे. ये महत्वपूर्ण आर्थिक मंच के सदस्यों सहित जलवायु परिवर्तन के खतरों का सामना करने वाले देशों सहित अन्य का प्रतिनिधित्व करेंगे. मंत्रालय ने कहा, ‘ये नेता जलवायु परिवर्तन, जलवायु कार्रवाई को मजबूत बनाने, जलवायु समाधान की ओर वित्त पोषण बढ़ाने, प्रकृति आधारित समाधान, जलवायु सुरक्षा के साथ स्वच्छ ऊर्जा के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार जैसे विषयों पर विचारों का आदान प्रदान करेंगे.’गौरतलब है कि बाइडन के लिए जलवायु परिवर्तन एक महत्वपूर्ण विषय रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने 20 जनवरी को पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिकी के वापस लौटने की घोषणा की थी.

व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक बाइडन ने 22 अप्रैल को शुरू हो रहे इस दो दिवसीय सम्मेलन के लिए मोदी सहित विश्व के 40 नेताओं को आमंत्रित किया है. इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन को रोकने की आवश्यकता और आर्थिक लाभ को रेखांकित किया जाएगा. बयान में कहा गया कि इस साल नवंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी26) के रास्ते में यह मील का पत्थर साबित होगा.

चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि सम्मेलन में जिनपिंग को आमंत्रित करना चीन-अमेरिका रिश्तों के लिए सकारात्मक संदेश है जिनके बीच शिंजियांग, हांगकांग और ताइवान के मुद्दे पर तनाव बढ़ रहा है. चीनी राष्ट्रपति के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मेलन में भाषण की पुष्टि होने के एक दिन बाद की गई है.









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