जालसाजी और गुणा गणित करने में महारथ हासिल थी राकेश श्रीवास्तव उर्फ दीपू को बड़े नेताओं के साथ फोटो दिखाकर खुद को उनका करीबी बताकर करता था बड़ा खेल…
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लखनऊ:- समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अंबेडकर नगर निवासी राकेश श्रीवास्तव उर्फ दीपू को लखनऊ में सचिवालय में प्रवेश पत्र को फर्जी तरीके से हथियाने व उसका दुरुपयोग करने के मामले में हजरतगंज कोतवाली में मु.अ.सं 0113/2022 , 420, 467, 468 ,471 जैसे संगीन धाराओं में सचिवालय प्रशासन ने मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है।मामला लखनऊ के सचिवालय का है जहां वाहन संख्या यूपी 45 एई 8472 से लगभग 12:00 बजे सचिवालय प्रवेश पास लगाकर गेट नंबर 7 से अंदर प्रवेश किया सचिवालय गेट पर मौजूद सिपाहियों ने संदिग्ध होने की दशा में जब चेक किया तो पता चला कि प्रथम दृष्टया कूटरचित प्रतीत हो रहा है उक्त वाहन में विधान परिषद सचिवालय द्वारा 2021 तक हेतु प्रवेश पत्र लगा हुआ था जिस वाहन में पास लगा था उस वाहन पर कोई भी प्रवेश पत्र जारी नहीं किया गया था। यह पूर्णतया कूटरचित एवं फर्जी था। जिस क्रमांक का वाहन पास शैलेंद्र प्रताप सिंह विधान परिषद सदस्य सुलतानपुर- अमेठी निर्वाचन क्षेत्र के लिए यूपी 44 एके 1234 के लिए जारी किया गया था जिसे 1/10/ 2021 को निर्गत कर दिया गया था। जालसाजी कर खुद को सपा का बड़ा नेता साबित करने वाले राकेश श्रीवास्तव उर्फ दीपू इस तरह से जालसाजी करने के फलस्वरूप जेल की हवा खा रहे हैं। सपा कार्यकर्ताओं से पार्टी में पद दिलाने के नाम पर धन उगाही करने का प्रकरण तूल पकड़ता रहा है लेकिन शीर्ष नेताओं की परिक्रमा से बचते रहे। आखिरकार योगी सरकार ने फर्जीवाड़ा करने के मामले में जेल भेजने किया है जिससे पीड़ित सपा कार्यकर्ताओं हर्ष का माहौल है।

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