सेरेना विलियम्स के अंधविश्वास

सेरेना विलियम्स के अंधविश्वास

दुनिया की महानतम टेनिस खिलाड़ियों में से एक सेरेना विलियम्स (Serena Williams) अपनी जीत के लिए ऐसे टोटके करती हैं कि आपको यकीन नहीं आएगा

नई दिल्ली. किसी भी खेल में नंबर 1 बनने के लिए खिलाड़ी सालों साल तपस्या करते हैं. अपने हुनर को निखारते हैं, अपनी गलतियों से सीखते हैं. लेकिन इसके साथ-साथ खिलाड़ियों को एक मानसिक सकरात्मकता की भी जरूरत होती है जिसे वो अंधविश्वास या टोटकों के जरिए हासिल करते हैं. दुनिया के हर खेल का चैंपियन खिलाड़ी सफलता के लिए मेहनत के साथ-साथ टोटके भी करता है. बहुत ही कम खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिन्होंने कामयाबी के लिए अंधविश्वास का सहारा नहीं लिया. खैर आज हम आपको बता रहे हैं दुनिया की महानतम टेनिस खिलाड़ियों में से एक अमेरिका की सेरेना विलियम्स (Serena Williams) के बारे में जो कामयबी के लिए अजीबोगरीब टोटकों का सहारा लेती हैं. कई बार हार के बाद उन्होंने अपने खेल को नहीं बल्कि टोटकों को सही से लागू नहीं करने को दोष ठहराया है. आइए जानते हैं कि 701 करोड़ से भी ज्यादा की इनामी राशि जीतने वाली सेरेना विलियमम्स कामयाबी के लिए किन अंधविश्वासों का सहारा लेती हैं.

सेरेना के जूतों में छिपा कामयाबी का राज
जिस तरह क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ अपने जूतों और उनके फीतों से अपनी कामयाबी को जोड़ते हैं ठीक वैसी ही सेरेना विलियम्स (Serena Williams) की भी कहानी है. दूसरे खेलों की तरह टेनिस में भी खिलाड़ी अच्छे प्रदर्शन के लिए अपने जूते डिजाइन कराते हैं. सेरेना विलियम्स भी खास तौर पर बनाए हुए जूते ही पहनती हैं जिसके दम पर उनके पैरों को आराम मिलता है और वो तेजी से कोर्ट पर दौड़ती हैं. सेरेना विलियम्स अपने जूते नहीं बल्कि उनके फीतों को लेकर काफी अंधविश्वासी हैं. सेरेना विलियम्स एक खास अंदाज में अपने जूते के फीते बांधती हैं. वो कोशिश करती हैं कि मैच के दौरान उनके फीते ना खुलें क्योंकि इससे उनका ध्यान भंग हो जाता है. मैच के दौरान जूते के फीते खुलने को सेरेना एक तरह से अपशकुन मानती हैं. सेरेना को लगता है कि उनके जूते अगर मैच के दौरान ढीले हो जाएं तो उनका प्रदर्शन गिर जाता है.

कई मैच में हार के बाद सेरेना ने ये बात कही है कि उनका प्रदर्शन इसलिए खराब रहा क्योंकि उन्होंने जूते अच्छी तरह नहीं बांधे थे. सेरेना का अंधविश्वास सिर्फ जूते के फीतों तक सीमित नहीं हैं. वो हर मैच से पहले टेनिस कोर्ट पर अपने शावर सेंडल्स पहनकर भी आती हैं.सड़े जुराब पहनती हैं सेरेना

जीत हासिल करने के लिए सेरेना विलियम्स (Serena Williams) का एक और टोटका है. वो किसी भी टूर्नामेंट में अगर पहला मैच जीतती हैं तो उसके बाद वो हर मैच में वही जुराब पहनकर कोर्ट पर उतरती हैं. मतलब सेरेना जबतक मैच जीत रही हैं, वो एक ही जोड़े जुराब पहनती हैं और उन्हें धोती भी नहीं.

मैच के दौरान सेरेना का टोटका
जूते और जुराब के अलावा सेरेना (Serena Williams) के और भी कई टोटके हैं. वो सर्विस करने से पहले गेंद को अलग अंदाज में बाउंस करती हैं. अगर उनकी पहली सर्विस होती है तो वो गेंद को पांच बार बाउंस करती हैं. दूसरी सर्विस में वो दूसरे हाथ में गेंद को बस दो बार बाउंस करती हैं. बता दें सेरेना का ये टोटका काम भी करता है क्योंकि उनके नाम विंबलडन में 102 एस हैं जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. यही नहीं पहला गेम खत्म होने के बाद सेरेना विलियम्स हमेशा अंपायर की उल्टी दिशा में नेट के छोर से दूसरी ओर जाती हैं.

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सेरेना का एक और टोटका
सेरेना विलियम्स (Serena Williams) का जीत हासिल करने के लिए एक और टोटका है. उनके दोस्त और परिवार जब भी मैच देखने आता है, तो उनकी जगह हमेशा फिक्स होती है. मतलब वो उसी जगह बैठते हैं जहां वो पहले मैच में बैठे थे. ये सिलसिला हर टूर्नामेंट में चलता है. अगर किसी की भी सीट बदलती है तो इसका असर सेरेना के खेल पर पड़ता है.

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