[ad_1]

फोटो सौ. (Reuters)

फोटो सौ. (Reuters)

अमेरिका में जो बाइडन (Joe Biden) के शपथ ग्रहण से पहले ही चीन डैमेज कंट्रोल में जुट गया है. चीन (China) ने कहा कि बीजिंग और अमेरिका को सभी स्तरों पर बातचीत शुरू करनी चाहिए.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 7, 2020, 5:21 PM IST

वाशिंगटन. अमेरिका के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण से पहले ही चीन को जो बाइडन (Joe Biden) का डर सताने लगा है. जब तक जो बाइडन को अमेरिका (America) की सत्ता मिलती है उससे पहले ही चीन डैमेज कंट्रोल में जुट गया है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा है कि बीजिंग और अमेरिका को सभी स्तरों पर बातचीत शुरू करनी चाहिए. स्पुतनिक ने अमेरिका-चीन व्यापार परिषद के निदेशक मंडल के साथ बैठक में वांग के हवाले से कहा,चीन और अमेरिका को सभी स्तरों पर बातचीत शुरू करनी चाहिए, चाहे जो भी मुद्दे हो मेज पर चर्चा की जा सकती है. इस प्रकार, रणनीतिक और दीर्घकालिक मुद्दों पर संपर्क बनाए रखना संभव हो सकता है. वांग ने कहा कि चीनी पक्ष बातचीत के लिए हमेशा तैयार है.

चीनी पक्ष बातचीत के लिए हमेशा तैयार है, पक्ष बातचीत, सहयोग को बढ़ावा देने और मतभेदों को सुलझाने के लिए विषयों की एक सूची का मसौदा तैयार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि पक्ष वार्ता, सहयोग को बढ़ावा देने और मतभेदों को सुलझाने के लिए एक सूची का मसौदा तैयार कर सकते हैं. कनाडा की पत्रिका ओटावा सिटीजन के लिए टेरी ग्लेविन ने लिखा था कि इस साल के शुरुआत में फरवरी के महीने में जो बिडेन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को ठग करार दिया था. जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी को महान नेता कहा था. यहां तक कि हांगकांग और शिनजियांग में उठे विरोध के लिए बीजिंग को जवाबदेह ठहराने से भी इनकार कर दिया है. ग्लेविन ने लिखा है कि जो बाइडन उइगरों के बड़े पैमाने पर कारावास उनके साथ हो रहे सलूक को एक नरसंहार घोषित कर चुके हैं.

ये भी पढ़ें: कोरोना से दुनिया बेहाल लेकिन चीन के निर्यात में हुई 21% की वृद्धि, 268 अरब डॉलर पहुंचा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो साल पहले कहा था राष्ट्रपति शी और मैं हमेशा दोस्त रहेंगे…वह चीन के लिए हैं मैं अमेरिका के लिए हूं. ट्रंप ने यह भी कहा था कि इसके अलावा हम एक दूसरे को प्यार करते हैं. चीन अपने दो मुद्दे हांगकांग और शिनजियांग हैं. जहां उइगरों के साथ हो रहे अत्याचार और प्रमुख एजेंसियों के अधिग्रहण का मुद्दा गरमाता रहा है.



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here