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सिडनी. विश्व की नंबर एक खिलाड़ी एश्ले बार्टी टोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया की 11 सदस्यीय टेनिस टीम की अगुवाई करने के लिए तैयार है. विंबलडन में बार्टी के कार्ला सुआरेज नवारो के खिलाफ पहले दौर के मैच से कुछ घंटों पहले मंगलवार को टोक्यो ओलंपिक के लिए ऑस्ट्रेलियाई टेनिस टीम घोषित की गई, जिसमें एश्ले बार्टी भी शामिल है.

पूर्व यूएस ओपन चैंपियन सामंता स्टोसुर एकल और युगल में खेलने के लिए चुनी गयी है. यह उनका पांचवां ओलंपिक होगा. पुरुष वर्ग में निक किर्गियोस, अलेक्स डि मिनौर और जॉन मिलमैन को भी चुना गया है. बार्टी ने बयान में कहा, ”पहली बार ओलंपिक टीम में जगह बनाना विशेषकर एक ऑस्ट्रेलियाई के रूप में. हमारा ओलंपिक में समृद्ध इतिहास रहा है और मैंने हमेशा ओलंपिक में खेलने का सपना देखा और मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं.”

बता दें कि नंबर 1 रैंकिंग की एश्ले बार्टी को बाएं कूल्हे की चोट के कारण फ्रेंच ओपन से बाहर हो गई थीं. बार्टी नेटबॉल से लेकर वुमंस बिग बैश लीग तक में खेल चुकी हैं. एक समय तो वे नेशनल क्रिकेट टीम में जगह बनाने के करीब थी. आज ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम टी20 विश्व कप चैंपियन है और बार्टी इस टीम के आसपास भी नहीं है. वह तो दुनिया की नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी हैं.

महज 4 साल की उम्र में टेनिस का रैकेट थामने वाली यह खिलाड़ी बचपन से ही नेटबॉल भी खेलती थी. वह जितना अच्छी टेनिस में थी, उतनी ही नेटबॉल में भी. लेकिन कुछ दिन बाद उन्होंने नेटबॉल खेलना छोड़ दिया. नेटबॉल छोड़कर उन्होंने टेनिस पर फोकस किया. वे 2010 में 14 साल की उम्र में प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी बन गईं. एक साल के भीतर ही उन्होंने विंबलडन में जूनियर गर्ल्स का खिताब जीत लिया. वे 2014 तक टेनिस खेलती रहीं और सिंगल्स में टॉप 200 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं. उन्हें टेनिस खेलना तो पसंद था, लेकिन छोटी से उम्र में हर सप्ताह अकेले लंबा सफर करना रास नहीं आ रहा था. इससे तंग आकर उन्होंने 2014 में प्रोफेशनल टेनिस से ब्रेक लेने की घोषणा की. इसके बाद वे क्रिकेट खेलने लगीं.

टेनिस से प्यार करने वाली बार्टी ने इसके बाद क्रिकेट का बल्ला थाम लिया था. उन्होंने टेनिस के बारे में बात करनी भी बंद कर दी. एश्ले बार्टी ने स्थानीय टीम क्वींसलैंड फायर से संपर्क किया. कोच ने उनका खेल देखा और उन्हें ट्रेनिंग देने लगे. बार्टी वेस्टर्न सबअर्ब डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट क्लब में चुन ली गईं. बार्टी टीम की उम्मीद पर खरी उतरीं. उन्होंने ब्रिस्बेन वुमंस प्रीमियर लीग में सबसे अधिक रन बनाए और उनकी टीम चैंपियन बनीं.

बार्टी का क्रिकेट सफर चल निकला. अब वे वुमंस बिगबैश लीग में ब्रिस्बेन हीट्स की टीम में शामिल हो चुकी थीं. वे लीग में एक सीजन खेलीं. फिर टीम गेम छोड़कर इंडिविजुएल गेम टेनिस का दामन थाम लिया.

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