बागपत में ट्रैक्टर रैली में शामिल होने जा रहे किसानों और पुलिस के बीच धक्का- मुक्की हुई है.

बागपत में ट्रैक्टर रैली में शामिल होने जा रहे किसानों और पुलिस के बीच धक्का- मुक्की हुई है.

गणतंत्र दिवस (The Republic Day) के मौके पर ट्रैक्टर रैली (Tractor rally) में शामिल होने जा रहे किसानों (Farmers) ने ट्रैक्टर से टक्कर मारकर बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद किसानों और पुलिस (Police) के बीच धक्का-मुक्की भी हुई.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 25, 2021, 11:46 PM IST

बागपत. गणतंत्र दिवस (The Republic Day) के मौके पर ट्रैक्टर रैली (Tractor rally) में शामिल होने जा रहे किसानों (Farmers) ने ट्रैक्टर से टक्कर मारकर बैरिकेडिंग तोड़ दी. इसके बाद किसानों और पुलिस (Police) के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. इसके बाद पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है.

बागपत जनपद से ट्रैक्टर रैली में शामिल होने जा रहे किसानों की मवीकला में पुलिस से नोकझोंक हुई और उसके बाद धक्का-मुक्की हो गई. पुलिस ने किसानों के काफिले को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन किसानों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से ट्रैक्टर रैली में शामिल होने पर अड़े थे, जबकि प्रशासन ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से रास्ता बनाया था. इसको लेकर लगभग दो घंटे तक हंगामा होता रहा. आरोप है कि इस दौरान किसानों ने रास्ते में खड़े डीसीएम में तोड़फोड़ की और चालक को पीटा. इसके बाद किसान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए.

दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से किसानों का डायवर्जन मवी कलां में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर किया गया था. पुलिस ने पुल के नीचे डीसीएम खड़ा करके बैरिकेडिंग की हुई थी. देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चल रहे किसानों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से ही लोनी होते हुए गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने की जिद की, जिसको लेकर किसान नाराज हो गए.

बड़ी खबर : UP डाटा सेंटर नीति 2021 को कैबिनेट की मंजूरी, 20 हजार करोड़ का होगा निवेशइतना ही नहीं किसान और पुलिस के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई. किसानों ने डीसीएम को रास्ते से हटाने के लिए उसका शीश तोड़ दिया और चालक को पीटा. हंगामा शुरू होते ही एडीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी मनीष मिश्रा, सीओ बड़ौत आलोक कुमार किसानों के बीच पहुंचे.

देशखाप चौधरी और पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान सीधे जाने की जिद पर अड़े रहे. किसानों के दो गुटों में भी आपसी कहासुनी भी हुई. पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई और किसान बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए. मवी कलां से आधे किसान ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से दुहाई होते हुए गाजीपुर बॉर्डर गए, जबकि आधे किसान मवी कलां से लोनी होते हुए बॉर्डर के लिए रवाना हुए. हंगामे के दौरान हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई.








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