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चीन की नौसेना ने बताया कि इस अभ्यास का लक्ष्य चीनी संप्रभुता की रक्षा करना है. (फोटो: AP)

चीन की नौसेना ने बताया कि इस अभ्यास का लक्ष्य चीनी संप्रभुता की रक्षा करना है. (फोटो: AP)

China-Taiwan: अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने हाल ही में ताइवान की ओर बढ़ते चीनी खतरों की चेतावनी दी है, जो 1949 में गृह युद्ध (1949 Civil War) के दौरान मुख्य भूमि से अलग हो गया था.

बीजिंग. ताइवान (Taiwan) पर अपना दावा करने का स्पष्ट संकेत देते हुए चीन (China) स्वशासित द्वीप के निकट एक विमान वाहक युद्धक बेड़े के साथ नौसैन्य अभ्यास (Naval Drill) कर रहा है. चीन की नौसेना ने बताया कि इस अभ्यास का लक्ष्य चीनी संप्रभुता की रक्षा करना है. नौसेना ने कहा कि विमान वाहक पोत लियाओनिंग की संलिप्तता वाला यह अभ्यास नियमित है और यह वार्षिक आधार पर निर्धारित कार्यक्रम के तहत किया गया है. चीन अपने युद्धक विमानों से द्वीप के हवाई क्षेत्र में नियमित रूप से घुसपैठ करने और अभ्यासों के माध्यम से द्वीप पर कब्जा करने का खतरा लगातार बढ़ा रहा है. नौसेना ने सोमवार देर रात जारी बयान में यह नहीं बताया कि यह अभ्यास कब शुरू हुआ और यह कब तक चलेगा, लेकिन उसने बताया कि भविष्य में इस प्रकार के और अभ्यास होंगे. यह भी पढ़ें: चीन संग डील करेगा रूस, जानिए भारत दौरे पर आए रूसी विदेश मंत्री ने क्या कहा उसने कहा कि इस नौसेना अभ्यास का लक्ष्य ‘राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा एवं विकास संबंधी हितों की रक्षा करने की क्षमता बढ़ाना है’. ऐसा माना जाता है कि चीन ताइवान की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल करता है. ताइवान सरकार ने चीन की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है कि वह द्वीप को चीनी क्षेत्र का हिस्सा माने.

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और ऑब्जर्वर्स ने हाल ही में ताइवान की तरफ बढ़ रहे चीन के खतरों की चेतावनी दी है. ताइवान 1949 में गृह युद्ध के बाद मुख्य भूमि से अलग हो गया था. इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में ताइवान के लिए विमान, मिसाइल और दूसरे सुरक्षा हार्डवेयर बेचने पर सहमति दी है. वहीं, ताइवान भी अपनी ओर से तैयारियां कर रहा है. (एजेंसी इनपुट के साथ)







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