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सुलतानपुर

दमतोडती जिला हास्पिटल की व्यवस्था ने ली मासूम की जान, रक्षक ही हो गये है भक्षक बोली मृतका की मां।

प्रभारी मंत्री, जय प्रताप सिंह के जिले का बुरा हाल, जिला हास्पिटल की चरमराती व्यवस्था ने ले ली नौनिहाल की जान, अपने विभाग को भी नही दे पा रहे सही दिशा।

भाजपा सरकार को कटघरे में खडा कर रहे जिला हास्पिटल के स्टाप, सीएमओ की व्यवस्थाएं हुई धरासाई नही देखते मरीज को समय से डाक्टर।

इलाज के आभाव में जा रही जाने, जिला हास्पिटल का विवादों से रहा है पुराना नाता, तडप तडप कर एक और बच्ची ने तोडा दम।

सुलतानपुर के टाटियानगर से जुडा मामला, कल दिनांक 30 अक्टूबर को नंन्दिनी निषाद उम्र 10 वर्ष को चौपहिया वाहन ने मारी थी टक्कर।

आई थी गम्भीर चोटे पीडित बच्ची को लेकर परिवारी जन उच्च चिकित्सा की ख्वाईस लिए पहुंचे थे जिला हास्पिटल।

पीडित परिवार का आरोप इलाज के आभाव ने ले ली मेरी 10 वर्ष की बच्ची की जान, समय से नही मिल सका ठीक से इलाज।

सुबह करीब 10 बजे इमरजेन्सी में जख्मी बच्ची को लेकर हुआ था भर्ती, हल्के टेट मेन्ट के बाद, बच्ची को सर्जिकल में किया गया था सिफ्ट।

जबकि गम्भीर अवस्था में थी नंदिनी। दिन भर बेहोशी हालात में सर्जिकल वार्ड वेड नम्बर 2 पर बिना आक्सीजन बिना टेट मेन्ट एक बाटल ग्लूकोज के सहारे पडी रही पीडिता।

न्यूरो सर्जन की जिला हास्पिटल में उपल्बधता न होना बताकर रेफर किया गया था लखनऊ, रेफर के बाद भी चार घण्टे सर्जिकल वार्ड में तडपती रही जख्मी बालिका।

हालात नाजुक देख हवलदिल मां जब डाक्टर से मांगी स्वस्थ की जानकारी, 5 बजे ही लखनऊ रेफर होने की दी गयी सूचना।

एम्बुलेंस के आने तक बच्ची ने तोडा दम, चीखती चिल्लाती बोली मृत बच्ची की मां नही मिल सका समय से इलाज, डाक्टरों ने ले ली मेरी मासूम की जान।

बडे बेरहम है जिला हास्पिटल के डाक्टर जाऊंगी उच्चअधिकारियों के द्बार मांगूगी अपनी मृत बच्ची के लिए न्याय दिलाऊगी दोषी को सजा।

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