सुलतानपुर/अमेठी। विवाहिता की हत्या,वृद्ध पर जानलेवा हमले एवं किशोरियों से दुष्कर्म से जुड़े मामलों में अदालतों का ताबड़तोड़ फैसला, दो दिन के भीतर आधा दर्जन दोषी पहुंचे सलाखों के पीछे

अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम इंतेखाब आलम की अदालत ने विवाहिता की हत्या के मामले में आरोपी राम बहादुर व उसकी दूसरी पत्नी शीला को ठहराया दोषी,सुनाई उम्र कैद एवं 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा। 16 मार्च 2018 की रात को बधुआ कला थाना क्षेत्र के केंथटोला निवासी रामबहादुर कोरी ने अपनी दूसरी पत्नी शीला के साथ मिलकर पहली पत्नी प्रभावती का रस्सी से गला कस कर उतारा था मौत के घाट। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता वेदप्रकाश ने की पैरवी

स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पवन कुमार शर्मा की अदालत ने कूरेभार थाना क्षेत्र से जुड़े मामले में 14 वर्षीय किशोरी छात्रा को बहलाकर भगा ले जाने एवं उसे पत्नी बनाकर घर मे रखकर दुष्कर्म करने के आरोपी आमिर अब्बासी निवासी बभनगवा थाना कुड़वार को दोषी ठहराते हुए सुनाई 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा। पीड़िता किशोरी के पिता ने 31 मई 2019 की घटना बताते हुए कूरेभार थाने में दर्ज कराया था आमिर अब्बासी के खिलाफ मुकदमा। जिस शिक्षण संस्थान में आमिर अब्बासी था टीचर,उसी स्कूल की छात्रा को पढ़ाते-पढ़ाते फंसाया था प्रेम-जाल में,आमिर अब्बासी ने शिक्षक की गरिमा को किया तार-तार,गैर समुदाय की किशोरी को फंसाया था अपने जाल में,पत्नी की तरह पीड़िता किशोरी को रखा था अपने घर में।

आमिर अब्बासी के अनुचित प्रभाव में पीड़िता ने कोर्ट में छुपाई थी सारी बातें,आरोपी आमिर के खिलाफ सही बात बताने से भी रखा था परहेज,कोर्ट ने कर दिया था पक्षद्रोही घोषित। कोर्ट के आदेश पर सच्चाई का पता लगाने के लिए भेजे गये थे प्रभारी थानाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर सिंह,जिनकी जांच में आरोपी आमिर अब्बासी के ही घर में घटना होने के बाद पैदा हुई एक बच्ची के साथ पीड़िता किशोरी को पत्नी की तरह रहने का हुआ खुलासा,झूठी निकली पीड़िता के जरिये कोर्ट में कही गयी बाते। नाबालिग की इज्जत से खेलने व एक शिक्षक की गरिमा के प्रति समाज में गलत उदाहरण बनने को लेकर कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यो के आधार पर आमिर अब्बासी को सुनाई सजा,अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक रमेश चंद्र सिंह ने की थी पैरवी

वहीं स्पेशल जज पवन कुमार शर्मा की ही अदालत ने पीपरपुर थाना क्षेत्र के नेवढिया निवासी सुभाष कोरी को सुनाई पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड की सुनाई सजा। मामले में 17 वर्षीय किशोरी के पिता ने 23 अप्रैल 2020 की घटना बताते हुए आरोपी सुभाष कोरी के खिलाफ पीड़िता के नल पर पानी भरने गए होने के दौरान छेड़छाड़ करने समेत अन्य आरोपों में दर्ज कराया था मुकदमा। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक रविंद्र प्रताप सिंह ने की थी पैरवी

अपर सत्र न्यायाधीश पंचम अगस्त कुमार तिवारी की अदालत ने 75 वर्षीय वृद्ध रामप्रसाद के गले पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में मुंशीगंज थाना क्षेत्र के गोपालीपुर निवासी वीरबहादुर उर्फ वीरू व राहुल को दोषी करार देते हुए सुनाई सात-सात वर्ष के कारावास एवं सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सुनाई सजा। आठ दिसंबर 2015 की रात में वृद्ध के ऊपर हुआ जानलेवा हमला,अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा प्रकाश में आया था वीरू व राहुल का नाम,अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता मनोज दूबे ने की थी पैरवी

इन दिनों अदालतो से आ रहे ताबड़तोड़ फैसलों से अपराधियों में दहशत का माहौल,कुछ दिनों के भीतर ही कई आरोपी ठहराए जा चुके है दोषी और सजा पाकर पहुँच चुके हैं सलाखों के पीछे

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