पीड़िता के परिजनों ने धम्मौर थाने पर घटना की दी तहरीर , तो मातहतों ने दी सुलह – समझौते की नसीहत ……. महिला सशक्तिकरण की यह दास्तां

सुलतानपुर । बगैर किसी तहरीर पर मुकदमा लिखने वाली सुलतानपुर पुलिस एक नाबालिग बच्ची को बेल पर छूटे आरोपी द्वारा असलहे के बल पर उठा ले जाने वाले आरोपी पर एफआईआर दर्ज करने से गुरेज करती नजर आ रही है । सुलतानपुर पुलिस के धम्मौर थाने की इस घटना ने यूपी के आलावजीर समेत तमाम उन अफसरानों के दावों की पोल खोल कर रख दी है जिसमें महिला अपराध समेत नाबालिग बालिकाओं के शोषण पर रोक लगाने की कवायदों पर तमाम कानूनी प्रक्रिया को अपनाने की बाते कहीं गयी है , लेकिन यहां तो बंधुआकला थानाक्षेत्र के कोटवा निवासी दानिश ने जमानती प्रक्रिया को ही ताक पर रख कर जेल से रिहा हो ने के बाद नाबालिग लड़की को लेकर फरार हो चला । और जब पीड़िता के परिजन रफीक अहमद ने बीते 12 जून को धम्मौर थाने में घटनाक्रम की तहरीर दी तो मातहतों द्वारा मामले पर प्राथमिकी दर्ज करने की बजाय सुलह समझौते की दांस्ता पेश कर दी गयी । ऐसे में सवाल तो लाजमी है कि आखिरकार धम्मौर पुलिस नाबालिग बालिका के दुराचारी आरोपी के साथ हमदर्द क्यों दिखती नजर आ रही है?

नारी सशक्तिकरण का ढ़िंढ़ोरा पीटने वाली पुलिसिंग की कार्यवाही को आखिरकार किसने लगाया पलीता , नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोपी पर आखिरकार क्यों मेहरबान बनी धम्मौर पुलिस

परिजनों ने अनहोनी की जताई आशंका , परिजन बोले जमानत पर छूटे आरोपी ने घटना को दिया अंजाम लगातार मिल रही थी धमकी , पुलिस में की थी शिकायत लेकिन नहीं मिली मदद

जब एसओ धम्मौर से घटना की जानकारी चाही गयी तो उनसे सम्पर्क नहीं हो सका ।

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