ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनके आचोलक सत्ता के प्रेम में सब कुछ भूल चुके हैं.  (फाइल फोटो)

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनके आचोलक सत्ता के प्रेम में सब कुछ भूल चुके हैं. (फाइल फोटो)

राष्ट्रपति चुनाव परिचर्चा के दौरान ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनके आचोलक सत्ता के प्रेम में सब कुछ भूल चुके हैं. रूहानी ने बुधवार को डिजिटल कैबिनेट बैठक के दौरान कट्टरपंथियों पर निशाना साधा. इस दौरान वह काफी आक्रोशित नजर आए. रूहानी के नेतृत्व में ईरान ने दुनिया के शक्तिशाली देशों के साथ 2015 में परमाणु समझौता किया था.

तेहरान. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी (Hassan Rouhani) ने बीती रात राष्ट्रपति चुनाव परिचर्चा के दौरान खुद पर निशाना साधे जाने के बाद बुधवार को अपना बचाव करते हुए कहा कि उनके आलोचक सत्ता के प्रेम में सब कुछ भूल चुके हैं. मंगलवार को हुई दूसरी राष्ट्रपति चुनाव परिचर्चा के दौरान कट्टरपंथी उम्मीदवारों ने 2015 के ईरान के परमाणु समझौते को लेकर रूहानी की ”आशा” का मजाक उड़ाया था. रूहानी ने बुधवार को डिजिटल कैबिनेट बैठक के दौरान कट्टरपंथियों पर निशाना साधा. इस दौरान वह काफी आक्रोशित नजर आए.

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रूहानी के नेतृत्व में ईरान ने दुनिया के शक्तिशाली देशों के साथ 2015 में परमाणु समझौता किया था. इसके तहत ईरान को खुद पर लगे प्रतिबंधों में छूट के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था, लेकिन 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश को इस समझौते से बाहर निकाल लिया, जिसके बाद यह समझौता खटाई में पड़ गया. साथ ही ईरान की पहले से खराब अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की बिक्री बंद होने, महंगाई बढ़ने और मुद्रा के कमजोर होने से और खस्ताहाल हो गई.

ये भी पढ़ें : चीन की चालबाजी जारी, LAC पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस किए सैनिकरूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते की आलोचना करने वाले कट्टरपंथियों को बताना चाहिए कि क्या वे पाबंदियों में छूट के बदले समझौते को रद्द करने का समर्थन करते. राष्ट्रपति ने कहा, ”मान लीजिए कि यदि आपके सामने ऐसी पेशकश की जाती तो क्या आप उसे स्वीकार करते.”

इससे पहले, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार इब्राहिम रियासी ने मंगलवार को कहा था कि इन दमनकारी पाबंदियों को खत्म किया जाना चाहिए. रियासी ने कहा कि उन्होंने परमाणु समझौते को वापस लिए जाने का समर्थन किया था. ईरान में 18 जून को चुनाव होना है. देश में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 90 लाख है.









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