सुल्तानपुर।चाहे आपका कई वर्षो पुराना बैनामा हो या आपके खाते की जमीन हो या फिर चाहे आपकी ही पुश्तैनी जमीन हो,लेकिन यदि आपकी जमीन किसी प्रभवशाली व्यक्ति की निगाह पर आ गई हो तो मौजूदा प्रशासन से आपको न्याय मिलना आसान नहीं है यदि उसी में आप आर्थिक रूप से कमजोर है तो आपकी जमीन कोई दूसरा अपनी बताकर कब्जा लें या आपको मजबूर कर जो चाहे वो करा ले, यह भी कोई बड़ी बात नहीं है,क्योंकि इन दिनों हालात ही कुछ ऐसे हो गये है। कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा एक ऐसा ही मामला सामने आया है,जिसमे पीड़ित पक्ष को अपने ही खाते की जमीन पर निर्माण करना दुश्वार हो गया है बल्कि उसकी दीवाल भी धकेल दी गई और विरोध करने पर अन्य मुश्किलें झेलनी पड़ी,रातोरात दीवार ढहाने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है,लेकिन पुलिस है कि दो दिनों से जांच के नाम पर कार्यवाही से परहेज कर रही है, स्थानीय प्रशासन से सुनवाई न होने पर पीड़ित महिला न्याय की उम्मीद लेकर जिले की सांसद के पास पहुँच गई,जिन्होंने एसडीएम सदर को शीघ्र उचित कार्यवाही का निर्देश दिया है,जिससे पीड़िता को न्याय की आश जगी है।

दरअसल में यह मामला सदर तहसील व कोतवाली नगर क्षेत्र के दरियापुर इलाके से जुड़ा है, जहां पर पीड़ित सविता देवी के पूर्वजो ने करीब 60 वर्ष पूर्व जमीन का बैनामा कराया था यह जमीन सविता के पति ओमप्रकाश रावत के नाम दर्ज रही, जिनकी मृत्यु के बाद अब सविता और उसके बेटो के नाम दर्ज हो गई है, जिनकी करीब तीन बिस्वा जमीन है और वे इस पर लगातार काबिज भी है, सविता के मुताबिक वह अपनी जमीन पर मकान निर्माण करना चाहती है लेकिन पड़ोस के ही रहने वाले अशोक कुमार व उसके भाई एवं उनका सहयोगी गोकुल चौरसिया दबंगई एवं अपने प्रभाव के बल पर सविता को उसकी जमीन पर निर्माण ही नहीं करना देना चाहते है, बल्कि अपने प्रभाव के दम पर निर्माण में बाधा डालकर उसकी जमीन से जबरदस्ती रास्ता निकलवाने के जुगाड़ में जुटे हुए हैं, स्थानीय प्रशासन भी विपक्षियों के प्रभाव में बिना किसी औचित्य व आधार के मामले में सही कार्रवाई करने के बजाय टाल-मटोल करती नजर आ रही है। सविता आरोप के मुताबिक बीते 19 अगस्त की रात को विपक्षियों ने उसकी दीवार को भी गिरा दी ,दीवार गिराने के लिए विपक्षियों ने करीब आधा दर्जन सहयोगियों को भी रात में बुलाया।सामने आये सीसीटीवी फुटेज से दीवार गिराने के बात की पुष्टी भी हुई है,लेकिन पुलिस है कि यह बात मानने को तैयार नही है और तहरीर देने के दो दिन बाद भी दीवार गिरी है या फिर गिराई गई है इससे जुड़े अन्य अपराधों के सम्बन्ध में बिना मुकदमा दर्ज किए दो दिनों से जांच ही कर रही है। सुनवाई ना होने पर अब यह मामला जिले की सांसद मेनका गांधी के पास तक भी पहुंच गया है, जिन्होंने एसडीएम सदर को मामले में शीघ्र उचित कार्यवाही कर मामले को निस्तारित कराने का निर्देश दिया है। नगर कोतवाल सन्दीप राय ने एफआईआर दर्ज हुए बगैर ही दो दिनों से प्रकरण की जांच जारी होने की बात स्वीकार की है और अब एसडीएम सदर के जरिये मामले की जांच किये जाने की बात कही। इस सम्बन्ध में एसडीएम सदर रामजीलाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सांसद के इस निर्देश की जानकारी उन्हें नही है,उनके अधीनस्थों को जानकारी होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here