सिंह ने इस अवसर पर युद्ध जैसी स्थितियों के लिए हर समय तैयार रहने तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने जैसे दृढ़ इरादों के लिए वायुसेना की प्रशंसा की.

सिंह ने इस अवसर पर युद्ध जैसी स्थितियों के लिए हर समय तैयार रहने तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने जैसे दृढ़ इरादों के लिए वायुसेना की प्रशंसा की.

रक्षा मंत्री ने दिल्ली में वायुसेना मुख्यालय में कमांडरों के छमाही सम्मेलन का उद्घाटन किया जो तीन दिन तक चलेगा. सम्मेलन में आज पहले दिन बृहस्पतिवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएससी) सहित भारत के समक्ष विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों की समग्र समीक्षा शुरू हुई.

नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध के संदर्भ में गुरुवार को ‘‘पूर्वी लद्दाख में अचानक हुए घटनाक्रमों’’ का ‘‘समय पर और मुंहतोड़’’ जवाब सुनिश्चित करने के लिए बृहस्पतिवार को भारतीय वायुसेना की प्रशंसा की. अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने वायुसेना के शीर्ष कमांडरों के साथ बातचीत में उन्हें भविष्य की चुनौतियों से निपटने के वास्ते लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं और रणनीतियां बनाने की सलाह भी दी.

यह उल्लेख करते हुए कि युद्ध के बदलते आयामों में अब आधुनिक प्रौद्योगिकियां, विषम क्षमताएं औ सूचना प्रभुत्व जैसी चीजें शामिल होंगी, रक्षा मंत्री ने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वायुसेना की भविष्य की तैयारियों में ये पहलू शामिल हों.

वायुसेना मुख्यालय में कमांडरों के छमाही सम्मेलन का उद्घाटन
रक्षा मंत्री ने दिल्ली में वायुसेना मुख्यालय में कमांडरों के छमाही सम्मेलन का उद्घाटन किया जो तीन दिन तक चलेगा. सम्मेलन में आज पहले दिन बृहस्पतिवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएससी) सहित भारत के समक्ष विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों की समग्र समीक्षा शुरू हुई. वायुसेना ने ब्योरा दिए बिना एक बयान में कहा, ‘‘रक्षा मंत्री ने पूर्वी लद्दाख में अचानक हुए घटनाक्रमों का समय पर और मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना को बधाई दी.’’ये भी पढ़ेंः- कोई नहीं जानता कि कब तक रहेगा कोरोना, बदतर स्थिति के लिए तैयार रहेंः गडकरी

सूत्रों ने बताया कि सिंह ने इस अवसर पर युद्ध जैसी स्थितियों के लिए हर समय तैयार रहने तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने जैसे दृढ़ इरादों के लिए वायुसेना की प्रशंसा की. सम्मेलन में कमांडर देश के समक्ष भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को और बढ़ाने संबंधी रणनीतियों तथा नीतियों पर भी चर्चा करेंगे. इस सम्मेलन में भारतीय वायुसेना की सभी कमानों के प्रमुख, सभी प्रधान स्टाफ अधिकारी और दिल्ली में वायुसेना मुख्यालय में तैनात सभी महानिदेशक भाग ले रहे हैं.





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