इटावा में 38 फर्जी शिक्षक बर्खास्त

इटावा में 38 फर्जी शिक्षक बर्खास्त

Etawah Fake Teachers case: इटावा के बेसिक शिक्षा खंड अधिकारी राजेश चैधरी ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा) बीएड सत्र 2004 -2005 के फर्जी प्रमाणपत्र होने के कारण 10 अध्यापकों की बर्खास्तगी के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई है.

इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिये प्राथमिक स्कूलों में नौकरी पाने वाले 38 शिक्षकों (Teachers) को बर्खास्त कर उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. एसआईटी जांच के बाद शिक्षा विभाग द्वारा मुकदमे दर्ज कराए गए हैं. इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ब्रजेश सिंह ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बीएड प्रशिक्षण का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर प्राइमरी स्कूल में नौकरी कर रहे शिक्षकों के खिलाफ इटावा में अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्ज कराए गए हैं.

इटावा के बेसिक शिक्षा खंड अधिकारी राजेश चैधरी ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा) बीएड सत्र 2004-2005 के फर्जी प्रमाणपत्र होने के कारण 10 अध्यापकों की बर्खास्तगी के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई है. इससे पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-2005 की बीएड की फर्जी अंकतालिका और प्रमाणपत्र लगाने पर 10 बेसिक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया था. ये शिक्षक जसवंतनगर विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों में तैनात हैं. बीएसए कल्पना सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी को इन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किये थे. इन सभी के खिलाफ आपराधिक मामले इटावा के विभिन्न थानों में दर्ज कराये गये हैं. इन शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2008 से 2012 के बीच जिले के विद्यालयों में की गई थी.

38 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश
शासन स्तर से कराई गई एसआईटी जांच में इन शिक्षकों की बीएड सत्र 2004-05 का प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया. शासन ने पूरे प्रदेश में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त कर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं. एसआइटी और जनपद स्तरीय जांच समिति की छानबीन में शैक्षिक अभिलेखों के फर्जी मिलने पर 38 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दिए थे. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारीयों को अपने ब्लॉक के फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं. इनमें 28 शिक्षक एसआईटी जांच और 10 शिक्षक जिलास्तरीय टीम की जांच में फर्जी मिले थे. इन सभी पर अब मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है. खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने बताया कि सभी फर्जी पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र पुलिस को दे दिए गए हैं.इनके खिलाफ हुई कार्रवाई

जसवंतनगर विकास खंड के राजेश यादव प्राथमिक विद्यालय दयालपुर,सत्यप्रकाश प्राथमिक विद्यालय सरामई,मीरा यादव प्राथमिक विद्यालय खंदिया ,रजनेश कुमारी प्राथमिक विद्यालय नगला दत्ती,देवेंद्र मणि प्राथमिक विद्यालय धौलपुर ,विनेश कुमार प्राथमिक विद्यालय जौनई ,मनोरमा यादव प्राथमिक विद्यालय बिचपुरी खेड़ा ,सीमा यादव प्राथमिक विद्यालय नगला बांके ,सर्वेश कुमारी प्राथमिक विद्यालय कोकावली है. विकास खंड ताखा मे जितेन्द्र सिंह यादव प्राथमिक विद्यालय नगला बंधा ताखा, नरेन्द्र प्रताप प्राथमिक विद्यालय वंशियापुर, अजय यादव प्राथमिक विद्यालय नगला भगे, प्रवेन्द्र कुमार यादव प्राथमिक विद्यालय पटियात, धर्मेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय कठौतिय, हरीचंद नगला पछाय है. विकास खंड सैफई के सारिका प्राथमिक विद्यालय खुशालपुर सुनील शर्मा प्राथमिक विद्यालय नगला वैस है. विकास खंड भरथना के सुनील कुमार प्राथमिक विद्यालय नगला चित है. विकास खंड बसरेहर के विकास चंद प्राथमिक विद्यालय सरसई हेलू, रवेन्द्र सिंह प्राथमिक विद्यालय नीवासई, सत्यवीर प्राथमिक विद्यालय हिद्दपुर, अनिल कुमार प्राथमिक विद्यालय नगला दलजीत है. विकास खंड बढपुरा के सुकीर्ति तिवारी प्राथमिक विद्यालय हरचंद्रपुर संध्या प्राथमिक विद्यालय इंधौआ, जसवंत सिंह प्राथमिक विद्यालय पुरामंशाराम,ज्ञानेंद्र कुमार प्राथमिक विद्यालय कसौआ है. इसके अलावा जिला स्तरीय जांच कमेटी मे फर्जी पाये गये रश्मि वर्मा प्राथमिक विद्यालय संतोषपुर घाट, विकास कुमार प्राथमिक विद्यालय भागा, बृजेश कुमार प्राथमिक विद्यालय नगला प्रीत, राजवीर प्राथमिक विद्यालय सरावा, दिलीप सिंह प्राथमिक विद्यालय रिदौली ,योगेन्द्र कुमार प्राथमिक विद्यालय ऊमरसेंडा, बृजेश कुमार प्राथमिक विद्यालय हरौली बहादुरपुर, सुधा देवी प्राथमिक विद्यालय रम्पुरा महेवा ,शिवदत्त प्राथमिक विद्यालय ददरा चकरनगर , सौरभ श्रीवास्तव प्राथमिक विद्यालय चैरेलापुर है.









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