आम का पेड़ काटने से मना करने पर आरोपियों ने वादी पक्ष पर लाठी व कुल्हाड़ी से हमला कर किया था लहूलुहान

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किरन गोंड की अदालत ने सुनाया फैसला

अभियोजन अधिकारी विजय कुमार सरोज की पैरवी से दोषियों को मिलनी करनी की सजा

सुल्तानपुर-आम का पेड़ काटने का विरोध करने पर लाठी व कुल्हाड़ी से गम्भीर चोट पहुंचाने के आरोप से जुड़े मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किरन गोंड ने दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं चार-चार हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है ।
मामला लम्भुआ थाना क्षेत्र के शोभीपुर-मामपुर गांव से जुड़ा है। जहां पर छह मार्च 1988 को हुई घटना का जिक्र करते हुए अभियोगी शिवकुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक गांव के ही आरोपी पवन कुमार सिंह व भोलानाथ यादव अभियोगी का आम का पेड़ जबरदस्ती काट रहे थे,जिसे देखकर अभियोगी के चाचा रामसूरत सिंह व बड़े भाई नागेंद्र कुमार सिंह ने मना किया तो यह बात आरोपियो को नगंवार गुजरी और आक्रोशित होकर उन्होंने लाठी व कुल्हाड़ी से दोनो पर हमला बोल दिया,हमले में दोनो लोगो को गम्भीर चोंटे आई। मामले में शिवकुमार सिंह की तहरीर पर आरोपियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी कर आरोपियो के खिलाफ घोर उपहति कारित करने समेत अन्य आरोपो में चार्जशीट दाखिल किया। मामले का विचारण सीजेएम कोर्ट में चला। यह मामला चौतीस वर्षो से कोर्ट में विचाराधीन रहा,किंतु मामले का विचारण पूरा नहीं हो सका। यह मामला कई वर्षों से लम्बित होने की वजह से अत्यंत प्राचीनतम वाद की श्रेणी में रखा गया था। जिसके विचारण के दौरान अभियोजन अधिकारी विजय कुमार सरोज ने सक्रिय पैरवी करते हुए कुल छह गवाहों को परीक्षित कराया एवं अपने तर्को को प्रस्तुत कर आरोपियो को दोषी ठहराकर कड़ी सजा से दण्डित किये जाने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपियो को बेकसूर बताने का भरपूर प्रयास किया। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात सीजेएम किरन गोंड ने दोनो आरोपियों को मामले में दोषी ठहराया। जिन्हें अदालत ने तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं चार-चार हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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