नई दिल्ली. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मंगलवार को बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री परोसने की अनुमति देने के आरोप में ट्विटर पर निशाना साधा और कहा कि वह इस बात को मानने के लिए तैयार ही नहीं है कि अश्लील सामग्री बच्चों के लिए गलत है. उन्होंने कहा, ‘ट्विटर इंडिया यह मानने को तैयार नहीं है कि उसकी सामग्री और अश्लील साहित्य बच्चों के लिए असुरक्षित है. हमने यह भी पाया कि उन्होंने (ट्विटर इंडिया) हमसे ट्विटर इंक से जुड़े नहीं होने के बारे में झूठ बोला. इसके दो निदेशक ट्विटर इंक के वेतनभोगी कर्मचारी हैं.’

प्रियंक कानूनगो ने ट्विटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत देते हुए कोर्ट जाने की भी बात की है. उन्होंने कहा, ‘जांच करने पर, हमने यह भी पाया कि ट्विटर इंडिया में ट्विटर इंक के 99% शेयर थे. उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसी के मुताबिक हम कोर्ट में अपील करेंगे.’

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गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने ट्विटर पर बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री परोसने की अनुमति देने के आरोप में ‘माइक्रोब्लॉगिंग’ वेबसाइट के विरुद्ध एक प्राथमिकी दर्ज की है. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता, यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा कानून (पॉक्सो) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. आयोग की ओर से पुलिस उपायुक्त (साइबर प्रकोष्ठ) अन्येष रॉय से पूछा गया था कि 29 मई को दिल्ली पुलिस को लिखे गए पत्र के अनुसार ट्विटर के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

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पत्र में आयोग ने दिल्ली पुलिस से ट्विटर के विरुद्ध मामला दर्ज करने को कहा था. हाल में आयोग द्वारा की गई जांच में पाया गया था कि बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री ट्विटर पर आसानी से उपलब्ध है, इसके आधार पर मामला दर्ज करने को कहा गया था.

दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी चिन्मय बिस्वाल ने कहा, ‘ट्विटर पर बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री (लिंक और खाते) पाए जाने पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से प्राप्त शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए भादसं, सूचना प्रौद्योगिकी कानून, और पॉक्सो कानून के तहत साइबर प्रकोष्ठ ने एक प्राथमिकी दर्ज की है और जांच चल रही है.’ पुलिस ने कहा कि ट्विटर इंक और ट्विटर कम्युनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध शिकायत दर्ज की गई थी.

(इनपुट भाषा से भी)

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