राशनकार्ड धारकों की शिकायत पर हुई सप्लाई इंस्पेक्टर सुधा सिंह की जांच में कोटेदार आशीष मौर्य मिला था दोषी,कोटा चल रहा सस्पेंड,पर बीडीओ दूबेपुर ने अपनी जांच में कर दी भयंकर लीपापोती

बीडीओ ने कोटेदार के महज कुछ करीबियों का बयान दर्जकर एवं मनमानी रिपोर्ट तैयार कर गांव के अधिकतर कार्ड धारकों की भावनाओं से किया खिलवाड़,कोटेदार को बचाने का लगाया जुगाड़

दर्जनों राशनकार्ड धारकों ने बीडीओ एसएन सिंह की जांच को निरस्त कर पुनः दूसरे सक्षम अधिकारी से जांच कराने के लिए की मांग,डीएम ने एसडीएम सदर को उचित कार्यवाही का दिया निर्देश

सुलतानपुर। राशनकार्ड धारकों का अंगूठा लगवाने के बाद राशन न आने की बात कहकर उन्हें गुमराह कर सरकारी खाद्यान्न हड़पने समेत अन्य अनियमितताओ को बरतने के मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्ति निरीक्षक की जांच के बाद कोटेदार आशीष मौर्य का कोटा लाइसेंस निलंबित हुआ,जो करीब चार माह से सस्पेंड ही चल रहा है। फिलहाल कोटेदार को क्लीन चिट दिलाने को लेकर हुई बीडीओ दूबेपुर एसएन सिंह की मनमानी जांच ने पूर्ति निरीक्षक की पूर्व की जांच को फ्लाफ़ कर दिया है। ग्रामीणों ने बीडीओ दूबेपुर कि इस जांच रिपोर्ट को निरस्त कर पुनः जांच कराकर उचित कार्रवाई को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। जिलाधिकारी ने प्रकरण की सही से जांच कराकर उचित कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को निर्देशित किया है।
मालूम हो कि बीते 12 जनवरी को ग्रामीणों की शिकायत पर दूबेपुर ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत स्थित टिकरिया गांव के कोटेदार आशीष कुमार मौर्य के खिलाफ सप्लाई इंस्पेक्टर सुधा सिंह जांच करने पहुँची। जिनकी जांच में कुछ राशनकार्ड धारकों ने उचित दर विक्रेता आशीष मौर्य से संतुष्ट होना बताया तो वहीं अधिकतर लोगों ने कोटेदार के जरिए अंगूठा लगवा कर राशन न दिये जाने एवं कई तरीको से गुमराह कर उनका हक हड़प लेने की बात बताई। कई राशन कार्ड धारकों को गुमराह कर दो माह के बजाय एक माह का ही राशन वितरित करने की बात भी सामने आई और कई लोगों को राशन उठान न होने की बात कह कर ही गुमराह कर वापस लौटा दिया गया। इसके अलावा अन्य कई अनियमितता कोटेदार के जरिये बरतने की बात सामने आई। शिकायत पर एसडीएम सदर ने प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक दूबेपुर को सौंपी थी, जिनकी जांच में प्रथमदृष्टया कोटेदार आशीष मौर्य गलत पाये गये और उनके खिलाफ कोटा लाइसेंस निलम्बित करने की कार्रवाई करते हुए अपना लिखित स्पष्टीकरण व साक्ष्य एक सप्ताह के भीतर अधोहस्ताक्षरी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया। जिसके उपरांत प्रकरण की जांच एसडीएम सदर ने बीडीओ दूबेपुर को सौंप दी। बीडीओ दूबेपुर ने कुछ दिनों पहले प्रकरण की जांच की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में 20 राशन कार्ड धारकों का जिक्र करते हुए कोटेदार आशीष मौर्य के कार्य से संतुष्ट होने की बात दर्शा दी है,वहीं शिकायतकर्ता राशन कार्ड धारकों के बयान को भी तोड़-मरोड़ कर निलम्बित कोटेदार को लाभ पहुंचाने की नीयत से दर्शा दिया गया है। मामले में बीडीओ दूबेपुर के जरिये मनमानी जांच कर कोटेदार के खिलाफ बोलने वाले शिकायतकर्ताओ के आरोपो की बगैर जांच किये ही स्थलीय व भौतिक जांच में उनके आरोपो को सत्यापित होना संभव न बताकर कार्यवाही से इतिश्री कर ली है। अपनी जांच में शिकायत कर्ताओं के जरिए कोटेदार के खिलाफ घटतौली आदि की शिकायत होने की भी बात दर्शाई है लेकिन उस संबंध में कोई जांच करना या राशनकार्ड धारकों से पूछतांछ करना मुनासिब नहीं समझा गया, नतीजतन उन्होंने निलम्बित कोटेदार के ही महज कुछ करीबी कार्डधारको के बयान को आधार बनाकर कोटेदार को राहत दिलाने की मंशा से उसके पक्ष में रिपोर्ट तैयार कर दी और अपनी सतही जांच को ही आधार बनाकर आशीष मौर्य को एक सुधार का अवसर प्रदान करने की बात कही है। बीडीओ की इस मनमानी रिपोर्ट के बारे में जब राशनकार्ड धारकों को पता चला कि उनके बयान को मनमाने तरीके से दर्शा दिया गया है और कोटेदार के करीबी महज कुछ राशनकार्ड धारकों के बयान को आधार बनाकर पुनः आशीष मौर्य के ही जिम्मे कोटा करने का प्रयास किया जा रहा है तो उन्होंने जिलाधिकारी रवीश कुमार गुप्ता से मिलकर शिकायत की और पुनः कोटे की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने अपने आरोपो के समर्थन में कई दर्जन शपथ पत्र भी दिए हैं, जिसमें कोटेदार के खिलाफ गंभीर आरोप लगे है। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीएम को जांच कराकर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया है।

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