कॉन्सेप्ट इमेज.

कॉन्सेप्ट इमेज.

वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए स्ट्रेन (New Strain) अपने मूल रूप के मुकाबले कहीं ज्यादा संक्रामक हैं. वैज्ञानिक इनको लेकर लगातार अध्ययन में लगे हुए हैं और यह अंदाजा लगा रहे हैं कि ये कितने खतरनाक हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 25, 2021, 7:43 PM IST

लंदन. एक तरफ जहां वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप लगातार जारी है. तो वहीं अब नए स्ट्रेन (New Strain) के मिलने से लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है. दरअसल, कोरोना वायरस के ये नए स्ट्रेन अपने मूल रूप के मुकाबले कहीं ज्यादा संक्रामक हैं. वैज्ञानिक इनको लेकर लगातार अध्ययन में लगे हुए हैं और यह अंदाजा लगा रहे हैं कि ये कितने खतरनाक हैं. उल्लेखनीय है कि, कोरोना के नए स्ट्रेन ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में देखने को मिले हैं, जो अब वहां से कई देशों में फैल चुके हैं. आइए जानते हैं इन नए स्ट्रेन के बारे में कि ये कितने संक्रामक और खतरनाक हैं.

ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन ब्रिटेन के ज्यादातर हिस्सों में तो फैला ही है, इसके अलावा यह दुनिया के 50 से अधिक देशों में भी फैल चुका है. वहीं, दक्षिण अफ्रीका में मिला वायरस का नया स्ट्रेन ब्रिटेन समेत दुनिया के कम से कम 20 अन्य देशों में भी पाया गया है, जबकि ब्राजील वाले स्ट्रेन को लेकर अभी कोई खास जानकारी नहीं मिली है. विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पाए गए वायरस के नए स्ट्रेन में स्पाइक प्रोटीन में काफी बदलाव हुए हैं. दरअसल, यह वायरस का वह भाग होता है जो इंसान के शरीर की कोशिकाओं से चिपक जाता है. यही वजह है कि ये स्ट्रेन कोशिकाओं को संक्रमित करने और फैलने में अधिक सक्रिय हो गए हैं.

अधिक जानलेवा है ब्रिटेन में पाया गया स्ट्रेन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि इस बात के कुछ शुरुआती प्रमाण हैं कि ब्रिटेन में पाया गया कोरोना का नया स्ट्रेन अधिक घातक हो सकता है और शायद ऊंची मृत्यु दर वाला भी है. ब्रिटेन के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वैलेंस ने कहा कि देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की दर काफी चिंताजनक है और अभी इसमें कमी की कोई संभावना भी नहीं दिख रही है.कितने खतरनाक हैं दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के स्ट्रेन? 

विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्रिटेन में पाया गया स्ट्रेन पुराने वायरस के मुकाबले 70 फीसदी अधिक संक्रामक है, लेकिन ब्रिटेन वाले स्ट्रेन के मुकाबले दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन के स्पाइक प्रोटीन में कहीं अधिक बदलाव देखे गए हैं. वहीं ब्राजील वाले स्ट्रेन के स्पाइक प्रोटीन में भी तीन अहम बदलाव देखने को मिले हैं, जिसकी वजह से यह भी दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन जैसा ही लग रहा है. हाल ही में हुए एक शोध में यह पाया गया है कि दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन न सिर्फ एंटीबॉडी बल्कि प्रतिरक्षा तंत्र को भी धोखा देने में सक्षम हो गया है, यानी कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके लोगों को भी यह दोबारा संक्रमित कर सकता है.

ये भी पढ़ें: ब्रिटिश वैज्ञानिकों की नई खोज, Corona दूर भगाने के लिए बनाया ‘नेजल स्प्रे’

कितनी कारगर होगी कोरोना वैक्सीन
फिलहाल इसको लेकर अध्ययन किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती नतीजों से पता चलता है कि फाइजर की वैक्सीन ब्रिटेन में पाए गए नए स्ट्रेन से भी सुरक्षा देने में सफल है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका में मिले स्ट्रेन पर वैक्सीन बेअसर हो सकती है.








Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here