इस महीने के पूर्व में हुई डिजिटल शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा भी शामिल हुए थे.

इस महीने के पूर्व में हुई डिजिटल शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा भी शामिल हुए थे.

Quad summit: क्वाड नेताओं के पहले शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गठबंधन के नेताओं को बताया कि उनके देशों के लिये स्वतंत्र व मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र जरूरी है.

बीजिंग. चीन (China) ने गुरुवार को कहा कि वह अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के क्वाड (QUAD) गठबंधन का दृढ़ता से विरोध करता है और उसने अमेरिका से बिना बात के विवाद से बचने और क्षेत्र की शांति व स्थिरता के लिये और योगदान करने को कहा.

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल रेन गुओकियांग ने एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में यह बात कही. उनसे हालिया क्वाड शिखर सम्मेलन और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन के उस कथित बयान के बारे में पूछा गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि क्वाड के नेताओं ने चीन द्वारा पेश की जा रही “चुनौतियों” पर चर्चा की और उन्हें इसके बारे में कोई भ्रम नहीं है.

क्वाड गठबंधन का दृढ़ता से विरोध
रेन ने कहा कि चीन अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के क्वाड गठबंधन का दृढ़ता से विरोध करता है. क्वाड नेताओं के पहले शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गठबंधन के नेताओं को बताया कि उनके देशों के लिये स्वतंत्र व मुक्त हिंद प्रशांत क्षेत्र जरूरी है और उनका देश क्षेत्र में स्थिरता हासिल करने के लिये सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने के लिये प्रतिबद्ध है.पिछले महीने हुई थी डिजिटल शिखर बैठक

इस महीने के पूर्व में हुई डिजिटल शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा भी शामिल हुए थे. रेन ने कहा कि चीन अमेरिका द्वारा बढ़ावा दिये जा रहे चार पक्षीय तंत्र का दृढ़ता से विरोध करता है क्योंकि यह शीतयुद्ध की मानसिकता का अनुसरण करता है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन बोले- खास है ‘क्वाड’
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा- अमेरिका आपके साथ काम करने को प्रतिबद्ध है और क्षेत्र के सभी अपने सहयोगियों के साथ शांति हासिल करने को संकल्पित है. यह समूह खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रैक्टिकल समाधान और ठोस नतीजे को लेकर समर्पित है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए ‘क्वाड’ महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है.

जबकि, ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मोरिसन ने कहा- 21वीं सदी में वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र ही है जो दुनिया की तकदीर तय करेगा. हिंद-प्रशांत के महान लोकतंत्र के चार नेताओं के तौर पर हमारी साझेदारी शांति, स्थायित्व और संपन्नता पर आधारित हो, जिसमें क्षेत्र के कई देशों का समावेशन हो.









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