सुलतानपुर/एसडीएम जयसिंहपुर अरविन्द कुमार को जनता दर्शन में गांव का एक गरीब आकर अपना दुखड़ा बताने लगा की साहब मेरे द्वारा आय और निवास दो प्रमाण पत्र के लिए अधर्व सीएससी के यहां से ऑनलाइन किया गया, जिसमे मुझसे 250 रुपए लिए गए और मेरा प्रमाणपत्र खारिज हो गया। जब एसडीएम ने उसके पेमेंट और ऑनलाइन मेसेज को चेक किया तो पता चला की 30 रुपए की जगह 250 रुपए का भुगतान उक्त कंप्यूटर संचालक द्वारा अपने सीएससी के नाम अकाउंट में ट्रांसफर कराया गया।    
     सम्बन्धित लेखपाल को खारिज रिपोर्ट को 2 दिन में साक्ष्य प्राप्त करके प्रमाण पत्र संबंधित को उपलब्ध करने का सख्त निर्देश दिया गया। साथ ही जब उक्त सेंटर की मौके पर जॉच करने हेतु जब एसडीएम जयसिंहपुर स्वयं पहुंचे तो संचालक एसडीएम को पहचान नहीं सका और प्रमाण पत्र  ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर अधिक पैसे की मांग किया जाने लगा।

इस पर एसडीएम आम आदमी बनकर जब उससे पूछा गया की मेरा आयुष्मान भारत योजना अन्तर्गत गोल्डन कार्ड, पेंशन का KYC आदि के सम्बंध में पूछा गया तो कंप्यूटर संचालक द्वारा सरकार की महत्त्वकांछी योजना से अच्छादित लोगो का कार्य करने में आना करने लगा। जब कंप्यूटर वाले को पता चला की पूछताछ करने वाला कोई आवेदक नही बल्कि स्वयं एसडीएम ही जॉच कर रहे है, तब कंप्यूटर संचालक को कान खड़ा हो गया। उसके बाद आम जनता से बदतमीजी से पेस आने, से जाति निवास में मोटी रकम लेकर गरीब जनता का ऑनलाइन करना, सरकार की महत्वकांक्षी योजना में आम जनमानस का कोई कार्य न करने के सम्बंध में तत्काल अधर्व कंप्यूटर सीएससी को सील बंद कर दिया गया तथा एसडीएम ने संचालक को हवालात भेज दिया तथा अन्य कंप्यूटर वालो को सख्त निर्देश दिया गया की प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी गरीब आम जनता से कोई धन उगाही कार्य नही करेगा। वही सरकार की महत्वकांक्षी योजना से लोगो को लाभान्वित करने में उनका मदद करेंगे व बार बार उनको परेशान नहीं करेंगे।

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