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माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की भाभी को हाईकोर्ट से राहत, LDA को मकान ढहाने से रोका

प्रदेश सरकार के आदेश पर पुलिस-प्रशासन माफिया डॉन मुख्‍तार अंसारी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है (फाइल फोटो)

हाईकोर्ट लखनऊ (Allahabad High Court) में जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने इस मामले में चार हफ्ते में सरकार और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से जवाबी हलफनामा तलब किया है

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 14, 2020, 11:51 PM IST

लखनऊ. जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mafia Don Mukhtar Ansari) की भाभी फरहत अंसारी के लखनऊ (Lucknow) के डालीबाग स्थित मकान को ढहाने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. बीते 29 सितंबर को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वीसी की ओर से इसके ध्वस्तीकरण (ढहाने) के आदेश जारी किए गए थे. वीसी ने फरहत अंसारी के मकान के नक्शे और परमिट को निरस्त (रद्द) कर दिया था. जिसके बाद फरहत ने वीसी के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ बेंच में चुनौती दी थी. साथ ही दूसरी याचिका में कारण बताओ नोटिस और गाटा संख्या 93 को निष्क्रन्त संपत्ति (Exhausted Property) घोषित किए जाने के एसडीएम सदर के 14 अगस्त के आदेश को भी चुनौती दी गई थी.

वहीं एलडीए की ओर से कहा गया था कि फरहत अंसारी का घर जिस गाटा संख्या 93 पर बना है वो निष्क्रन्त संपत्ति है जिस पर किसी भी तरह का निर्माण अवैध है. जिस पर फरहत ने दलील दी थी कि वो उस जगह पर वर्ष 2007 से रह रही हैं. जबकि 14 अगस्त, 2020 को राजस्व अधिकारियों ने उस गाटा संख्या को निष्क्रन्त संपत्ति घोषित कर दिया था, और एलडीए ने उसी दिन उनके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया कि क्यों न उनके घर का नक्शा रद्द कर दिया जाए.

इस आदेश के खिलाफ मुख्तार की भाभी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की. लेकिन 29 सितंबर, 2020 को आदेश जारी कर एलडीए ने नक्शा खारिज कर दिया था.

हाईकोर्ट लखनऊ में जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने इस मामले में चार हफ्ते में सरकार और एलडीए मामले में जवाबी हलफनामा तलब किया है.बता दें कि ‘निष्क्रांत संपत्ति’ वो जायदाद है जो बंटवारे के समय पाकिस्तान में जा बसे लोगों की थी, लिहाजा अब यह संपत्ति सरकार की है.



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