कुड़वार क्षेत्र के मीटर रीडर उपभोक्ताओं से कोई सुविधा या वसूली मिलने पर बिजली बिल में खेल कर कम दिखा दिया जाता है चार्ज,रीडर को नहीं कर पाये खुश तो वास्तविक बिल से भी अधिक जोड़कर देना पड़ता है सरचार्ज

बिजली बिल में मनमानी तरीके से खेल कर घटाया-बढ़ाया जाता है बिल,मीटर रीडर के जाल में फंस चुके उपभोक्ताओं ने खोली पोल,अधीक्षण अभियंता ने कहा ऐसे कर्मियों पर होगी कार्यवाही, नहीं चलेगा गोलमोल

इस खेल में शामिल विभागीय स्थाई कर्मियों व संविदा कर्मियों की मिलीभगत से अवैध कनेक्शन समेत अन्य मनमाने खेल कर सरकार को लगाया जा रहा है लाखों का चूना


सुलतानपुर। विभागीय अफसरों की सह से मीटर संविदा कर्मियों के जरिये इन दिनों बड़े स्तर पर बिजली बिलों में खेल किया जा रहा है। कुड़वार क्षेत्र का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें मीटर संविदा कर्मी सुरेंद्र के जरिये उपभोक्ताओं से वसूली मिलने या कुछ अन्य लाभ मिलने पर बिल में उल्टा-सीधा खेल कर उन्हें राहत दे दी जाती है और जो उपभोक्ता ऐसा नहीं करते है उन्हें वास्तविक बिल से काफी ज्यादा के भुगतान का सामना करना पड़ता है। अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा ने ऐसे मामलो में गड़बड़ी बर्दाश्त न होने की बात कही है।
दरअसल में कुड़वार क्षेत्र के डोमनपुर,राजापुर व कोटा के बिद्युत उपभोक्ता मीटर रीडर की मनमानी से इन दिनों काफी परेशान है। बताया जा रहा है कि काफी दिनों से इस क्षेत्र की मीटर रीडिंग का काम देख रहे संविदा कर्मी सुरेंद्र ने भ्रष्टाचार की जड़े काफी फैला ली है और क्षेत्र में मनमानी तरीके से खेल कर उपभोक्ताओं की जेब ढीली की जा रही है। संविदा कर्मी सुरेंद्र व ऐसे ही अन्य कर्मियों की मनमानी के शिकार डोमनपुर व कोटा के रहने वाले कई विद्युत उपभोक्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि मीटर रीडर जब पैसा नही पाता है तो उस महीने की बिल 700 सौ के ऊपर बना देता है और जब उसे 100 से 200 रुपये दे दो तो वह बिल बहुत कम का बना देता है। कई लोगो ने बताया कि जब वह पैसा नही पाता तो उस महीने की बिल ज्यादा ही बनाता है। उसकी इस मनमानी से क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता बहुत ही परेशान हैं।बताया जा रहा है कि उसका सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि पैसा दीजिये बिल कम का बनवाइये। जानकारी तो यहां तक मिली है कि मीटर रीडरों व कई विद्युत संविदा कर्मियों के यहां बिजली का कनेक्शन भी नही है,बल्कि वे मनमानी कर दूसरों को तो लाभ-हानि पहुंचा कर राजस्व को क्षति पहुंचा ही रहे है और खुद भी सरकार को राजस्व क्षति पहुँचाने में पीछे नही है। मीटर रीडरों की अवैध वसूली से क्षेत्र के उपभोक्ता बहुत ही परेशान है। जब कुछ लोगो ने इसकी शिकायत की बात कही तो वह विभाग में अच्छी सेटिंग होने व कुछ भी न बिगाड़ पाने की धमकी दे रहा है। इस सम्बन्ध में जब एसडीओ कुड़वार से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे संम्पर्क नही हो पाया। इस सम्बंध में अधीक्षण अभियन्ता धीरज सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जल्द ही टीम बनाकर जांच कराई जाएगी और निश्चित ही कार्यवाही की जाएगी।देखना है कि अब बिभाग उस पर क्या कार्यवाही करता है।

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