(सुल्तानपुर)मुकदमे में सुलह होने के लिए क्रॉस दर्ज कराया था मुकदमा।युवती को बनाया था मोहरा। दर्ज कराए गए क्रास मुकदमे में पीड़ित मनदीप चौहान को बनाया था अभियुक्त।विचारण के दौरान कोर्ट ने दी जमानत। मामला पीपरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है ।जहां के रहने वाले कैलाश चौहान ने थाने दार से सेटिंग कर एफ आई आर दर्ज कराई कि उसकी पुत्री रागिनी काल्पनिक नाम)घर पर अकेली थी। वह नाबालिक थी। जिसको पड़ोस के मनदीप चौहान 25 फरवरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। जब कोर्ट में सुनवाई हुई तो इस बात के प्रमाण मिले की एक पूर्व के मुकदमे में सुलह लगाने के लिए युवती को मोहरा बनाया गया और मनदीप चौहान के ऊपर 363 ,366 का मुकदमा तथा पॉक्सो एक्ट की धारा लगाकर उसे जेल भेज दिया गया था ।अधिवक्ता विद्वान अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप यादव ने तर्क दिया कि उसके मुवक्किल को मुकदमे में सुलह समझौता करने की नियत से रंजिशन फंसाया गया था। उक्त घटना का कोई भी प्रत्यक्षदर्शी स्वतंत्र गवाह नहीं है। विद्वान अधिवक्ता के तर्को से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ( विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने आदेश दिया कि अभियुक्त मनदीप चौहान द्वारा प्रस्तुत जमानत पत्र में अभियुक्त को ₹100000 व्यक्तिगत बंधपत्र करने के बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।