सुल्तानपुर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मनाया जा रहे रक्तदान पखवारे में, जिला चिकित्सालय में किए जा रहे रक्तदान शिविर में मरीजों के रक्त का टीएलसी, डीएलसी और एचआईवी की जांच किए बिना धड़ल्ले से रक्त का संग्रह किया जा रहा है| ब्लड बैंक में पहले से रखा हुआ रक्त इन दानदाताओं की रक्त से प्रदूषित होने की आशंका हमेशा बनी रहेगी, क्योंकि रक्तदान करने से पूर्व कई परीक्षणों से गुजरना पड़ता है, तब जाकर चिकित्सक स्वस्थ और शुद्ध रक्त मरीज को उसके जीवन दान के लिए अच्छा प्रदान करता है , लेकिन यहां सब कुछ उल्टा प्रतीत हो रहा है|

रक्त दानदाताओं की सूची इतनी लंबी है कि परीक्षण की कोई गुंजाइश है नहीं दी जाती सीधे थिएटर में मरीज को रक्त देने के लिए रक्त का संग्रह कर लिया जाता है ,जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए जानकार चिकित्सकों का मानना है, विभिन्न प्रकार के लोगों के अंदर तमाम बीमारियां संभावित हैं, किसी को टीवी ,किसी को कैंसर या अन्य संक्रामक रोग ग्रसित लोग भी इस भीड़ में जब अपना रक्तदान करते हैं जीवन की जगह मौत बांटते हैं |

नहीं सचेत करते चिकित्सक पैथोलॉजिस्ट को

यशस्वी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर किया जा रहा रक्तदान कहीं किसी की मौत का कारण न बन जाए, अन्यथा वह दिन दूर नहीं कई मरीज रक्तदान करने के बावजूद भी तड़पते दिखाई दे, जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों को चाहिए ब्लड बैंक में जितने भी पैथोलॉजिस्ट हैं, इस बात के लिए सचेत करें रक्त निकालने से दानदाता की विभिन्न तरह की तकनीकी जांच टीएलसी डीएलसीऔर एचआईवी के साथ-साथ की भी जांच कर लेनी चाहिए पश्चात किसी भी जनसामान्य का रक्त संग्रह किया मरीज को अवश्य जीवनदान मिलेगा और यशस्वी प्रधानमंत्री की मंशा रक्त महादान पखवारा सुचारू रूप से संचालित किया जाना चाहिए |

यदि ऐसा नहीं हुआ तो जीवन दान की जगह पर मौत दिखाई देंगे ,जिला अस्पताल के जिम्मेदार गैर जिम्मेदाराना कार्यो की श्रृंखला में संलिप्त दिखायी देते हैं |

रिपोर्ट :- सलीम इदरीसी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here