अयोध्या. राम की नगरी अयोध्या (Ayodhya) में भी कोविड-19 (COVID-19) का संक्रमण बढ़ता जा रहा है. आलम यह है कि अयोध्या स्थित दर्शन नगर के मेडिकल कॉलेज, जिसे कोविड हॉस्पिटल बनाया गया है, वहीं पर बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्टेनो समेत 8 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है. वही अयोध्या के संत समाज के अध्यक्ष कन्हैया दास और रंग महल मंदिर के महंत रामशरण दास कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है. यही कारण है कि राम नवमी (Ram Navami) को देखते हुए राम जन्मभूमि मंदिर समेत अयोध्या के सभी बड़े मंदिरों के कपाट दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिए गए है.

यही नहीं ऐलान किया गया है कि अब अयोध्या शहर में स्थानीय अवकाश गुरुवार समेत रविवार को 2 दिन दुकानें बंद रहेंगी, जबकि सैनेटाइजर का छिड़काव समेत शाम 7:00 बजे से लेकर सुबह 9:00 बजे तक नाइट कफ्र्यू का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. दूसरी तरफ फैजाबाद दीवानी न्यायालय में भी जनपद न्यायाधीश और उनके अधीनस्थ न्यायालयों के समय में परिवर्तन किया गया है. इसी तरह मजिस्ट्रेट स्तरीय न्यायालय के भी कार्य समय में परिवर्तन किया गया है.

अपील- अयोध्या आने की बजाए घर में करें पूजा-पाठ

अयोध्या में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण और बढ़ती मृत्यु दर की वजह से हाहाकार मच गया है. यही कारण है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी समेत सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिए गए हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी एक प्रेस नोट जारी कर दर्शनार्थियों के राम मंदिर दर्शन को बंद की जाने की जानकारी दे दी है. संत-महंत हों या प्रशासनिक अधिकारी, सभी अयोध्या आने की बजाए अपने घरों में रहकर पूजा-पाठ करने की अपील कर रहे हैं.संत समिति के अध्यक्ष कन्हैया दास और रंग महल के महंत राम शरण दास के कोविड-19 जांच में पॉजिटिव पाए जाने के बाद सरगर्मी और तेज हो गई है. प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार अयोध्या के साधु-संतों और व्यापारिक संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर सामंजस्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी का परिणाम है कि संत-महंत, भक्तों से दर्शन के लिए अयोध्या ना आने की नसीहत दे रहे हैं.

रविवार के लॉकडाउन के साथ गुरुवार को भी बंद रहेंगी दुकानें

यहां तक की रामनवमी के दिन के लिए भक्तों से खास अपील की जा रही है कि वह अयोध्या ना आएं. स्थानीय लोग मंदिर में जाने के बजाय घर में रहकर श्रीराम जन्मोत्सव मनाएं. वहीं व्यापार जगत के लोग रविवार के एक दिन के लॉकडाउन की बजाय साप्ताहिक बंदी गुरुवार को भी दुकान न खोलने की बात कह रहे हैं.

मंदिर में चलता रहेगा पूजा पाठ, श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि आज पंचों एवं प्रशासन के द्वारा गहन अध्ययन करने के बाद निर्णय लिया गया कि कोविड-19 संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है. जिसके कारण मंदिर प्रशासन के लोग और प्रशासन के लोगों के द्वारा निर्णय लिया गया कि आज भोग लगने के बाद 12:00 बजे के बाद से आम जनमानस के लिए भक्तों के लिए मंदिर में प्रवेश वर्जित आम जन मानस मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. भक्त दर्शन नहीं कर पाएंगे. भक्तों से मेरा निवेदन है कि आप लोग अपने अपने घरों में ही राम जन्मोत्सव मनाएं और कल मंगलवार को यहां पर लाखों भक्त दर्शन और पूजन करते हैं, इसके नाते कल निवेदन है कि जो भी भक्त हनुमानगढ़ी दर्शन पूजन के लिए आते थे, वे न आएं. जो रोज दर्शन करने वाले भक्त हैं, उनसे भी हाथ जोड़कर निवेदन है कि जो भी भक्त मंदिर प्रवेश नहीं कर पाएंगे. मंदिर में रोज की भांति लगातार जो सेवा पूजा चलता है, वह चलता रहेगा. मंदिर के पूजा पाठ में कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा. यह प्रशासन शासन के द्वारा निर्णय लिया गया.

दशरथ महल भी श्रद्धालुओं क लिए बंद

दशरथ महल के अधिकारी कृपालु जी ने बताया इस बार कोरोना को देखते हुए इतना ज्यादा बढ़ रहा है काफी लोगों को संक्रमण हो रहे हैं. इसको देखते हुए इस बार निर्णय लिया गया है कि अल्प व्यवस्था में केवल स्थान के लोग ही रहकर के राम जन्मोत्सव मनाएंगे. हमने श्री दशरथ जी के राज महल का मुख्य द्वार बंद करा दिया है. आम पब्लिक का दर्शन बंद करा दिया गया है और उनसे आग्रह किया गया है कि वह कोरोनावायरस के मद्देनजर वह अयोध्या ना आए अपने घर में अपने घर में ही रहकर रामलला का दर्शन पूजन करें.

हाल के दिनों में अयोध्या में कोरोनावायरस के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं और मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. आलम यह है कि अकेले 17 तारीख को मेडिकल कॉलेज अयोध्या में संक्रमित भर्ती मरीजों में से दो महिला समिति 5 लोगों की मौत हो गई. वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्टेनो की कोविड से लखनऊ ले जाते समय मौत हो गई है. पिछले 3 दिनों में ही 8 लोगों की मौत हो चुकी है. यही कारण है कि अब रात के लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. सैनिटाइजर का बाजारों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर छिड़काव किया जा रहा है और मास्क समेत प्रकाशन बरतने के उपायों पर जोर दिया जा रहा है.

जिलाधिकारी अयोध्या अनुज झा ने कहा कि हम विशेषकर रामनवमी को लेकर सेंसिटिव हैं. काफी लोग इकट्ठा होते थे तो आज मैंने और एसपी साहब ने अयोध्या में विभिन्न जो हमारे महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थान है. मंदिर है वहां हम लोग गए थे और विभिन्न संत महात्माओं से हमारी मुलाकात हुई सभी ने खुद से अपील भी की है कि इस वक्त बाहरी श्रद्धालु नहीं आएंगे विशेषकर जिनका कोविड-19 रिपोर्ट नहीं है. कई जो हमारे महत्वपूर्ण मंदिर है जैसे रामलला विराजमान, राम जन्मभूमि है, हनुमानगढ़ी है कनक भवन, दशरथ महल, नागेश्वर नाथ जी का मंदिर है, इन सभी मंदिरों ने अपने कपाट बंद कर दिए हैं. यह एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट हुआ है. इससे हमें अपने आप भीड़भाड़ कम होगी. इसके अलावा जनपद मुख्यालय पर जो रोज नाइट कर्फ्यू है, व्यापारियों ने सुरक्ष से जो बंदी का समय है. उसे 7:00 बजे कर लिया है. उसके बाद आप देख रहे हैं. डिसइन्फेक्शन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है और इसके अलावा व्यापारियों ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है कि रविवार का जो कर्फ्यू है, जो लॉक डाउन है उसके अलावा जो साप्ताहिक बंदी रहती है उस दिन भी उनकी दुकानें बंद रहेंगी. 2 दिनों का प्रयोग डिसइन्फेक्शन में बखूबी किया जा सकेगा ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडे ने बताया कि वर्तमान कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पर्याप्त संख्या में हमारी गाड़ियों में बीए सिस्टम लगे हैं. विभिन्न चौक-चौराहों पर आप देख सकते हैं. सिस्टम के माध्यम से लगातार एलाउंसमट हो रहा है. हम लोगों से लगातार अपील कर रहे हैं साथ ही साथ उनको जागरूक भी कर रहे हैं.

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