सुलतानपुर। कूरेभार थाने के सरैया मझौवा गांव के रिटायर्ड सूबेदार शिव प्रसाद पाठक के बेटे शिवांक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत 1 अगस्त 2021को दिल्ली में हो गई थी। मौत के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराने के और मृतक की पत्नी गुरलीन कौर व ससुर सुरेंद्र्जीत सिह समेत चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी सीजेएम किरण गोंड ने खारिज कर दी है। मृतक का परिवार बिना घटना के खुलासे के शिवांग के अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं है और उसका शव 16 दिन से डीप फ्रीजर में रखा हुआ है।
शिव प्रसाद पाठक कि उनका बड़ा बेटा शिवांक दिल्ली में वर्ष 2012 में एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था। इस बीच शिवांक ने दिल्ली में 24 अप्रैल 2012 को एक व्यक्ति के साथ मिलकर टैक्सीगो नामक कंपनी खोली। कंपनी के पार्टनर ने दिल्ली की ही रहने वाली एक युवती गुरलीन कौर को एचआर के पद पर नियुक्त किया था। शिवांक ने इसी युवती के साथ 2013 में शादी कर ली थी।
पिता का आरोप है कि शिवांक के नाम काफी संपत्ति है , जिस पर युवती की नजर थी। इसी बीच बीते 1 अगस्त को दिल्ली में उसके बेटे शिवांक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पिता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या की गई है ।लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। शव को पोस्टमार्टम होने के बाद सीधे उन्हें सौंप दिया गया। इसके बाद शिवांक के शव को लेकर 3 अगस्त को वह अपने पैतृक गांव आ गए। बेटे की मौत से पर्दा उठाने के लिए पिता ने कूरेभार थाने की पुलिस को भी सूचना दी। लेकिन उनकी एक न सुनी गई।
बाद में शिव प्रसाद ने सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अर्जी दाखिल की। न्यायालय ने सुनवाई का क्षेत्राधिकार न होने के आधार पर बुधवार को अर्जी खारिज कर दी।

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