*पूर्व जिला पंचायत सदस्य यशभद्र सिंह मोनू दर्जनों साथियों समेत हिरासत में**

नगर कोतवाली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर से लिया हिरासत में
*जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की जंग फतह करने की भाजपाई सियासत का पहला दांव*
सुलतानपुर । शनिवार की देर रात नगर के ट्रांसपोर्ट नगर से नगर कोतवाली पुलिस ने लॉकडाउन के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पूर्व ब्लाक प्रमुख यश भद्र सिंह मोनू और उनके समर्थकों के साथ हिरासत में ले लिया । पुलिस की इस कार्यवाही को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के पूर्व भाजपा के इशारे पर दबाव बनाने की कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है । इसके पहले भी चुनाव के ठीक दो दिन पूर्व पुलिस व प्रशासन द्वारा भाजपाइयों के इशारे पर धनपतगंज थाने में पूर्व विधायक चंद्र भद्र सिंह सोनू व उनके भाई यश भद्र सिंह मोनू समेत दर्जनों लोगों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया गया था ।
त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव की समाप्ति के बाद औंधे मुंह जमीन पर गिरी भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर कोई भी ढील देना नहीं चाहती । जिले में रणनीति के तहत सबसे बड़े राजनीतिक घराने के वारिस भद्र भाइयों पर चुनाव तिथि से ठीक पहले धनपतगंज थाने में गैंगस्टर की कार्यवाही के साथ ही भाजपा ने पुलिस प्रशासन के पीछे खड़े होकर अपनी बिसात बिछा दी थी । बाहुबली पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व यशभद्र सिंह मोनू ने रणनीति के तहत अपनी बहन अर्चना सिंह को वार्ड नंबर 24 से जिला पंचायत की कुर्सी के लिए मैदान में उतारा था । राजनीति में भद्र परिवार की बेटी होने का फायदा अर्चना सिंह को मिला । सभी क्षेत्रवासियों ने उन्हें अपनी बहन , बेटी मानकर भरपूर आशीर्वाद देते हुए ऐतिहासिक विजय दिलाई जिसका अंदाजा जिले में किसी भी राजनीतिक विश्लेषक को नहीं था । अर्चना के चुनाव जीतने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पूर्व मंत्री के प्यादे व उनकी पत्नी को बैठाने की रणनीति धूलधूसरित होती नजर आ रही है । इसमें चुनाव पंचायतों के परिणाम को बड़ा कारण बताया जा रहा है । गौरतलब हो इस बार जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में भाजपा व कांग्रेस समर्थित तीन तीन सीटों पर , ऑल इंडिया एतिहाद उल मुस्लिमीन दो सीटों पर , आम आदमी एक सीट पर , बसपा 3 सीट पर निषाद पार्टी दो सीट पर, 8 सीटों पर समाजवादी पार्टी के समर्थित प्रत्याशियों ने विजय का स्वाद चखा है । जिला पंचायत के नए बोर्ड में निर्दलीयों को पाले में करने के लिए संभावित अध्यक्ष पद के उम्मीदवारो ने अपनी गोटिया बिछाना शुरू कर दी हैं । सत्ताधारी भाजपा को एक बार फिर हार का बड़ा डर सता रहा है । चुनाव मैदान में अर्चना सिंह के आने के बाद उनके भाई चंद्रभद्र सिंह सोनू व यशभद्र सिंह मोनू जिला पंचायत सदस्यों का जनसमर्थन जुटाने के लिए प्रत्याशियों के दरवाजे पहुंचकर जीत की रणनीति सेट कर रहे । सूत्र बताते हैं लगभग 30 की संख्या में जिला पंचायत सदस्यों ने इस बार अर्चना सिंह के पक्ष में खड़े होकर उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाने का मन बना लिया है । इस गोपनीय रिपोर्ट के बाद भाजपा के खेमे में खलबली मची हुई है । सभी को पता है सांसद मेनका संजय गांधी के अतिरिक्त भाजपा के किसी कद्दावर नेता में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह इन बाहुबली भाइयों का सामने से प्रतिरोध है या मुकाबला कर सके । पार्टी स्तर पर संजय मेनका गांधी सांसद बनने के बाद से ही उपेक्षित की जाती रही है । संघ के एजेंडे से अलग सुचिता की राजनीति करने वाली मेनका संजय गांधी ना तो जिले के कद्दावर भाजपाइयों को सुहाती है ऊपर बैठे बड़े नेताओं को कारण उनकी बेबाक शैली और जनता के प्रति संवेदनशीलता विशेष है । मोनू की सक्रियता से जिले के भाजपा के विधायकों , संगठन के जिला अध्यक्ष समेत भाजपाइयों के पेट में खलबली मच गई है लिहाजा पुलिस प्रशासन के सहारे अर्चना सिंह की संभावित उम्मीदवारी को प्रभावित करने के लिए उनके भाइयों की घेराबंदी के प्रयास पुलिस द्वारा शुरू कर दिए गए । रविवार की सुबह नगर कोतवाली में कई थानों की मौजूदगी पुलिस की बड़ी कार्यवाही के संकेत दे रही है । भाजपा के सियासी दिग्गज पुलिस व प्रशासन के पीछे खड़े होकर आज ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी सुरक्षित कर लेना चाह रहे हैं । वही बाहुबली भद्र भाइयों के जिले भर के समर्थकों मैं गिरफ्तारी को लेकर आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है । सूत्र बताते हैं अर्चना सिंह अपने भाइयों के ऊपर हो रहे पुलिसिया उत्पीड़न व वर्तमान भाजपा शासन के खिलाफ जन आंदोलन छेड़ सकती है । हाल फिलहाल मोनू सिंह की समर्थकों के साथ गिरफ्तारी के बाद जिले में सियासी पारा गरमा गया है ।

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