जिलाधिकारी रवीश कुमार का श्रावस्ती माडल सुल्तानपुर मे हुआ फेल

हर कार्यालय मे हुई शिकायत कार्यवाही फिर भी शून्य

सुल्तानपुर / जिलाधिकारी रवीश कुमार और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही बैठकों मे लगातार सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने और भू माफिया को लेकर कार्यवाही का बयान दे रहे है लेकिन तहसील सदर के भण्डरा परसरामपुर ग्राम सभा मे सबसे अधिक सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है इसमे लेखपाल से ले कर राजस्व निरिक्षक तहसील दार उपजिलाधिकारी कार्यालय तक की मिली भगत स्पष्ट नजर आ रही है
तहसीलसदर के भण्डरा परसरामपुर ग्राम सभा मे स्थित गाटा सं 1361 रक्वा 0.085 नवीन परती सरकारी भूमि राजस्व अभिलेखो मे दर्ज है जिस पर जनपद सुल्तानपुर के जिला कोषागार कार्यालय से रिटायर्ड पूर्व सहायक कोषाधिकारी आत्माराम मिश्र ने तारो से घेर कर बगल मे स्थित अपनी पत्नी दयावन्ती के नाम दर्ज गाटा सं1349 मे मिला कर कब्जा कर लिया जिस पर अतिक्रमण कारी द्वारा फसल बो सरकारी भूमि से लाभ लिया जा रहा है जिसे अतिक्रमण कारी के चंगुल से मुक्त कराने के लिए पूरे मामले की शिकायत दिनांक 28/8/20 को जिलाधिकारी कार्यालय सुल्तानपुर से लेकर सूबे के मुख्यमंत्री कार्यालय तक हुई जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक से जांच के आदेश भी जारी हुआ हल्का लेखपाल भण्डरा परसरामपुर सुशील कुमार तिवारी द्वारा मौके पर जांच भी की गयी जांच रिपोर्ट मे पूर्व सहायक कोषाधिकारी आत्माराम द्वारा सरकारी भूमि पर कृषि कार्य पाया गया तथा फसल को दो सप्ताह मे हटाने का निर्देश अतिक्रमण कारी को दिया गया था यही से लेखपाल भण्डरा परसरामपुर सुशील तिवारी और अतिक्रमण कारी के बीज शौदे बाजी का खेल शुरु हो गया चुकिं सडक के किनारे की बेशकीमती सरकारी भूमि थी और लेखपाल को भी मुहमागी कीमत मिल गयी हल्का लेखपाल ने अतिक्रमण हटाने के लिए स्थानीय थाने पर कोई सूचना नही दी गयी गाटा सं 1361 मे मौजूद कटीले तार के घेरा दरख्तानो का जिक्र अपनी जांच रिपोर्ट मे नही दर्शाया गया और और अतिक्रमण कारी द्वारा कब्जा नही हटवाया गया इस पूरे मामले की शिकायत सभी साक्ष्य के साथ पुन: जिलाधिकारी कार्यालय मे स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दिनांक 18/8/21 को दी गयी जिस पर पूरे प्रकरण की जांच राजस्व निरिक्षक कुडवार रमाशंकर मिश्र को शौपीं गयी थी लेकिन पूर्व सहायक कोषाधिकारी आत्माराम मिश्र के रसूख और जुगाड के सामने सभी शिकायते शून्य हो गयी राजस्व निरिक्षक कुडवार रमाशंकर मिश्र ने भी उक्त अतिक्रमण कारी से शौदे बाजी करने मे सफल रहे और उच्चाधिकारियों को वगैर मौके की जांच किये अगल बगल की जमीनो का किसी अन्य न्यायलय मे मुकदमा चलने के कारण सरकारी भूमि की जांच नही हो सकती का रिपोर्ट लगा कर अधिकारियों को गुमराह करने वाली झूठी भ्रामक रिपोर्ट लगा दी और अतिक्रमण कारी को सरकारी भूमि पर कब्जा बरकरार रख कर कृषि कार्य करने की स्वीकृत दे दिया गया जब लेखपाल और राजस्व निरिक्षक ही सरकारी भूमि पर कब्जा कराने मे लिप्त हो जाय तो अतिक्रमण कारी का हौशला बढ जाना लाजमी है हलांकि सरकारी भूमि पर से अतिक्रमण अवैध कब्जा हटवाने की बात तो हर अधिकारी नेता करते है लेकिन असल मे क्या होता है इसका जीता जागता प्रमाण भण्डरा परसरामपुर मे आत्माराम मिश्र द्वारा किये गये सरकारी भूमि गाटा सं1361 पर किये गये अवैध कब्जे के रूप मे देखा जा सकता है इसे अतिक्रमण कारी का हौशला कहें या प्रशासनिक लापरवाही हालांकि लापरवाही जिसकी भी हो जवाब देही अभी तक किसी की तय नही हो सकी |

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