विदेश मंत्रालय का निर्णय उस समय आया है, जब दुनिया के कई अन्य देशों में पढ़ाई कर रहे छात्रों कोरोना महामारी के चलते हो रही परेशानियों को मंत्रालय के सामने रखा था. ANI

विदेश मंत्रालय का निर्णय उस समय आया है, जब दुनिया के कई अन्य देशों में पढ़ाई कर रहे छात्रों कोरोना महामारी के चलते हो रही परेशानियों को मंत्रालय के सामने रखा था. ANI

Ministry of External Affairs ने ट्वीट कर कहा, “कृपया ध्यान दें! भारतीय छात्र जो विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं और कोरोना के चलते देश में फंसे हुए हैं, वे लोग अपनी समस्याओं के लिए विदेश विभाग के ओआईए-II डिवीजन से संपर्क करें.”

नई दिल्ली. विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र जो कोरोना संकट के चलते देश में फंसे हुए हैं या फिर किसी और समस्या का सामना कर रहे हैं, उनसे विदेश मंत्रालय ने विभाग के ओआईए-II डिवीजन से संपर्क करने को कहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा, “कृपया ध्यान दें! भारतीय छात्र जो विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं और कोरोना के चलते देश में फंसे हुए हैं, वे लोग अपनी समस्याओं के लिए विदेश विभाग के ओआईए-II डिवीजन से संपर्क करें.” बागची ने छात्रों के लिए दो ईमेल पते भी साझा किए हैं.

विदेश मंत्रालय का निर्णय उस समय आया है, जब दुनिया के कई अन्य देशों में पढ़ाई कर रहे छात्रों कोरोना महामारी के चलते हो रही परेशानियों को मंत्रालय के सामने रखा था. भारत के लाखों छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस के चलते हवाई यातायात बंद होने की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई करने को मजबूर हैं. इनमें से बहुत सारे छात्र अभी भारत में ही फंसे हुए हैं.

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक जिन भारतीय छात्रों ने कोवैक्सीन या रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन का टीका लगवाया है, उन्हें फिर से टीका लगवाने को कहा गया है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अभी इन दोनों वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी है.





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